धौलपुर: नामांतरण के बदले रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, तहसीलदार कार्यालय का रीडर एसीबी के हत्थे चढ़ा
धौलपुर एसीबी ने तहसीलदार ऑफिस में काम करने वाले बाबू (रीडर) वीरेंद्र सिंह को 4,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी ने भूमि नामांतरण मामले में कोर्ट के आदेश की पालना कराने के बदले रिश्वत मांगी थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तहसीलदार कार्यालय में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान के धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सैपऊ तहसीलदार कार्यालय में तैनात रीडर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू वीरेंद्र सिंह पर आरोप है कि उसने भूमि नामांतरण के एक मामले में कोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करने के एवज में परिवादी से अवैध वसूली की मांग की थी।
यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी रीडर ने नामांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुल 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की टीम ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
19 जून को दर्ज हुई थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी ने 19 जून 2026 को एसीबी में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी मां द्वारा खरीदी गई जमीन के नामांतरण का मामला तहसीलदार कार्यालय में लंबित था। इस मामले में न्यायालय के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद रीडर वीरेंद्र सिंह काम करने में टालमटोल कर रहा था और बार-बार रिश्वत की मांग कर रहा था।
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद गोपनीय तरीके से जाल बिछाया। सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी बाबू अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है और सरकारी काम के बदले अनुचित लाभ की मांग कर रहा है। इसके बाद एसीबी भरतपुर रेंज के अधिकारियों ने ट्रैप की योजना तैयार की।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और बरामदगी
बुधवार को एसीबी भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में पुलिस उप अधीक्षक प्रेमचंद मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने सैपऊ तहसीलदार कार्यालय पर धावा बोला। जैसे ही परिवादी ने आरोपी वीरेंद्र सिंह को रिश्वत की राशि दी, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी की पैंट की जेब से 4,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई। एसीबी ने तुरंत इस राशि को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
एसीबी ने आरोपी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। एसीबी के अनुसार, मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी भी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत एसीबी से संपर्क करें। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
