फतेहपुर: महिला से मारपीट मामले में पुलिस की सुस्ती पर भड़का गुलाबी गैंग, थाने का किया घेराव
Gulabi Gang protests in Fatehpur after woman assault case, police files FIR. फतेहपुर जिले के राधानगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव में एक मजदूर महिला के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने घटना के पांच दिन बाद मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक के विरोध प्रदर्शन और थाने के घेराव के बाद हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पांच दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के राधानगर थाना क्षेत्र में एक मजदूर महिला के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लक्ष्मणपुर गांव की रहने वाली पीड़िता रीता देवी के साथ हुई हिंसा के पांच दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। संगठन के कड़े विरोध और थाने के घेराव के बाद पुलिस ने अंततः नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता रीता देवी ने आरोप लगाया है कि 31 जुलाई की शाम को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे निशाना बनाया। पीड़िता का कहना है कि उसके ससुर खेमराज, पति शिवदीप, सास कुसमा देवी, देवरानी पूनम देवी, सीमा यादव और ससुर के भांजे जहेन्द्र ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले के दौरान महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी आवाज तक प्रभावित हुई है।
समझौते के लिए बनाया जा रहा था दबाव
पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में स्पष्ट किया है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे एक पुरानी रंजिश है। रीता देवी के अनुसार, उसके देवर ने पूर्व में उसके साथ छेड़खानी की थी, जिसका मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। ससुराल पक्ष के लोग लगातार उस पर इस मामले को वापस लेने और समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। जब उसने इनकार किया, तो उसे शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया।
गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं गुरुवार सुबह करीब 11 बजे राधानगर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस की ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए थाने का घेराव किया। हेमलता पटेल ने आरोप लगाया कि पीड़िता के पति गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और वह अकेले ही उनका ध्यान रख रही थी, ऐसे में ससुराल वालों का यह कृत्य अत्यंत अमानवीय है।
मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक मेडिकल जांच पर भी गंभीर आपत्ति जताई। हेमलता पटेल का कहना है कि पीड़िता को आई गंभीर चोटों को मेडिकल रिपोर्ट में सही ढंग से दर्ज नहीं किया गया, जो पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। संगठन ने मांग की है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से दोबारा कराया जाए ताकि चोटों की गंभीरता स्पष्ट हो सके।
थाने में हुई वार्ता के दौरान गुलाबी गैंग ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। संगठन ने सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। हेमलता पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो वे एसपी कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सरला सिंह, मरियम जहां, संगीता, प्रीति, सुमन, विनीता और रंजना सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।
आगे की कार्रवाई पर टिकी नजरें
पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, घटना के पांच दिन बाद कार्रवाई होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कितनी तत्परता दिखाती है। फिलहाल, क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों पर है और महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
