फतेहाबाद: नशा केस रफा-दफा करने के लिए रिश्वत का खेल, थाना प्रभारी से एसीबी की पूछताछ
फतेहाबाद में नशे के एक मामले को दबाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार देर शाम करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान बिचौलिये ने दावा किया कि यह रकम टोहाना शहर थाना प्रभारी तक पहुंचाई जानी थी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने शुक्रवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नशा तस्करी के एक मामले को दबाने के एवज में रिश्वत लेने वाले एक बिचौलिये को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में टोहाना शहर थाना प्रभारी की संलिप्तता की बात सामने आने के बाद जांच की आंच उन तक भी पहुंच गई है।
ढाई लाख की रिश्वत लेते बिचौलिया गिरफ्तार
घटना की शुरुआत तब हुई जब गांव कलरभैनी निवासी एक व्यक्ति को कुछ दिन पहले नशीले पदार्थों के एक मामले में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, उस समय उस पर कोई औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। आरोप है कि इस मामले को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पुलिस की ओर से बिचौलियों के माध्यम से पांच लाख रुपये की मांग की गई थी। लंबी बातचीत के बाद सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ।
पीड़ित व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत करनाल स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। शुक्रवार की शाम जैसे ही बिचौलिये ने शिकायतकर्ता से ढाई लाख रुपये की रिश्वत राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के पास से बरामद की गई नकदी को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है।
थाना प्रभारी का नाम आने पर बढ़ी हलचल
पकड़े गए बिचौलिये से जब एसीबी ने गहन पूछताछ की, तो उसने एक बड़ा खुलासा किया। बिचौलिये ने दावा किया कि यह रिश्वत की राशि टोहाना शहर थाना प्रभारी तक पहुंचाई जानी थी। इस खुलासे के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थाना प्रभारी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया और उन्हें फतेहाबाद ले आई।
देर रात तक एसीबी के अधिकारी बिचौलिये और थाना प्रभारी से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करते रहे। इस कार्रवाई से स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से पुलिसकर्मी या बाहरी लोग शामिल हैं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एसीबी के अधिकारी अभी साक्ष्यों को जुटाने और बिचौलिये के बयानों की पुष्टि करने में लगे हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि थाना प्रभारी की भूमिका इस मामले में कितनी प्रत्यक्ष है और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नशा जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। एसीबी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए विभाग अब किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शने के मूड में नहीं है।
आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एसीबी की टीम अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस रिश्वत कांड के तार टोहाना पुलिस स्टेशन से जोड़ती हैं। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी नजर बनी हुई है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
