फरीदाबाद में सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश: तीन युवक गिरफ्तार, ब्लैकमेल कर वसूले थे 5.80 लाख
Delhi Police arrests Faridabad gang involved in sextortion racket targeting victims for money. दिल्ली पुलिस की उत्तर-पूर्व जिला साइबर थाना टीम ने सेक्सटॉर्शन के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए फरीदाबाद के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित साइबर गिरोह के लिए काम कर रहे थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मेवात के गिरोह से जुड़े थे तार
दिल्ली पुलिस की उत्तर-पूर्व जिला साइबर सेल ने एक बड़े सेक्सटॉर्शन रैकेट का खुलासा करते हुए फरीदाबाद के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और उससे लाखों रुपये की अवैध वसूली की। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये युवक राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित साइबर गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजेश (18), कुनाल (22) और इमरान (23) के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपी फरीदाबाद के एसी नगर और एक जीवन नगर का निवासी है। पुलिस ने इमरान के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है, जिसका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।
वीडियो कॉल से फंसाया और शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल
घटना की शुरुआत 6 मई को हुई, जब दिल्ली के गंगा विहार निवासी 44 वर्षीय के.एल. त्रिपाठी को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला की वीडियो कॉल आई। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को परिचित बताते हुए पीड़ित को अश्लील हरकतें करने के लिए उकसाया। इस दौरान आरोपियों ने चुपके से पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो रिकॉर्ड होने के तुरंत बाद पीड़ित को अलग-अलग नंबरों से धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और सोशल मीडिया कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को डराया। उन्होंने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5.80 लाख रुपये की वसूली और पुलिस की जांच
लगातार मिल रही धमकियों से घबराकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड के जरिए कुल 5.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने उत्तर-पूर्व जिला साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर राहुल कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले राजेश को पकड़ा, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर कुनाल और इमरान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मेवात के एक बड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे, जो देशभर में लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाता है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान वीडियो कॉल का जवाब न दें। यदि कोई व्यक्ति ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में संपर्क करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
