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फरीदाबाद: 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू हुई टेली ईसीजी सुविधा, देहरादून के विशेषज्ञ करेंगे रिपोर्ट की जांच

फरीदाबाद के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए हृदय संबंधी जांच अब आसान हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली ईसीजी की सुविधा शुरू की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

13 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
फरीदाबाद: 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू हुई टेली ईसीजी सुविधा, देहरादून के विशेषज्ञ करेंगे रिपोर्ट की जांच
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फरीदाबाद के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए अब हृदय संबंधी जांच कराना काफी सुगम हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 14 प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर 'टेली ईसीजी' सेवा की शुरुआत की है। इस नई पहल का उद्देश्य मरीजों को हृदय की जांच के लिए बार-बार बड़े अस्पतालों या जिला मुख्यालय तक आने की मजबूरी से मुक्ति दिलाना है।

कैसे काम करती है टेली ईसीजी तकनीक

इस सुविधा के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर टैब-आधारित ईसीजी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। जांच के दौरान मरीज का डेटा और ईसीजी की डिजिटल इमेज को तुरंत ऑनलाइन माध्यम से देहरादून स्थित एआई कमांड सेंटर में भेजा जाता है। वहां तैनात विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सक (कार्डियोलॉजिस्ट) इन रिपोर्टों का बारीकी से अध्ययन करते हैं और अपनी राय देते हैं। तैयार रिपोर्ट को वापस संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर भेज दिया जाता है, जिससे मरीज को त्वरित उपचार मिल सके।

विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर आगे की चिकित्सा सलाह देते हैं। यदि किसी मरीज के हृदय की धड़कन में कोई गंभीर असामान्यता पाई जाती है, तो उसे समय रहते बड़े अस्पताल में रेफर किया जा सकता है। इससे हृदय रोगों का शुरुआती स्तर पर पता लगाने में बड़ी मदद मिलेगी।

मोबाइल पर मिलेगी डिजिटल रिपोर्ट

टेली ईसीजी सेवा की एक बड़ी विशेषता यह है कि मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाता है। मरीज की मांग पर, ईसीजी की डिजिटल कॉपी और रिपोर्ट उनके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जा सकती है। यह सुविधा भविष्य में किसी अन्य डॉक्टर को परामर्श दिखाने या पुरानी जांचों की तुलना करने के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

इस सेवा का विस्तार जिले के विभिन्न केंद्रों तक किया गया है। वर्तमान में बीके अस्पताल की इमरजेंसी के अलावा सीएचसी कौराली, तिगांव, खेड़ीकलां और पाली में यह सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही पीएचसी छांयसा, दयालपुर, धौज, मोहना, पल्ला और अनंगपुर को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। साथ ही एफआरयू-1 सेक्टर-30, एफआरयू-2 सेक्टर-3 और सामान्य अस्पताल बल्लभगढ़ में भी मरीज इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे जिला अस्पताल (बीके अस्पताल) पर मरीजों का दबाव कम होगा और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से मरीजों को बार-बार कागज की रिपोर्ट संभालने की चिंता से भी राहत मिलेगी।

टेली ईसीजी के माध्यम से अब हृदय रोगों के निदान में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि तकनीक के इस उपयोग से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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