कौशांबी में नकली तरल यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
Fake liquid urea manufacturing unit busted in Kaushambi Uttar Pradesh latest crime news update. कौशांबी के चरवा थाना पुलिस ने अवैध रूप से नकली तरल यूरिया तैयार करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली तरल यूरिया, रसायन, मशीनें और निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

चरवा थाना क्षेत्र में चल रहा था अवैध कारोबार
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली तरल यूरिया बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। चरवा थाना पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम पंसौर में स्थित एक मकान पर छापेमारी की गई, जहां बड़े पैमाने पर रसायनों का उपयोग कर नकली खाद तैयार की जा रही थी। इस छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के अनुसार, यह अवैध धंधा काफी समय से चल रहा था। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि वहां किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली यूरिया का उपयोग करके उसे तरल रूप में बदलने का काम किया जा रहा था। जिला कृषि अधिकारी डॉ. शिव शंकर चौधरी की औपचारिक शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भारी मात्रा में उपकरण और रसायन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इसमें लगभग 45 किलो तैयार नकली तरल यूरिया, 70 बोरी यूरिया, और 100 खाली जीएसएफसी (GSFC) की बोरियां शामिल हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री से विभिन्न कंपनियों की सैकड़ों प्लास्टिक बाल्टियां, पंपिंग मशीनें, इन्वर्टर, बैटरियां, दो इलेक्ट्रॉनिक फीड मशीनें और एक स्मार्ट रोटर भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने घटनास्थल से एक हजार लीटर क्षमता वाली 21 टंकियां भी बरामद की हैं, जो इस बात की ओर इशारा करती हैं कि यह कारोबार काफी बड़े स्तर पर फैला हुआ था। इसके साथ ही, अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वहां सीसीटीवी सिस्टम भी लगाया गया था, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में ले लिया है।
चार लोग हिरासत में, एक नाबालिग शामिल
इस मामले में पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजबहादुर, सुनील पासी और मनवेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। इनके अलावा, एक नाबालिग को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है, जिसे कानून के प्रावधानों के अनुसार संरक्षण में रखा गया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली तरल यूरिया किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था और इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
नकली खाद का यह मामला सीधे तौर पर किसानों की मेहनत और फसल की गुणवत्ता से जुड़ा है। नकली तरल यूरिया का उपयोग न केवल फसल को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता को भी लंबे समय के लिए प्रभावित कर सकता है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की खरीद केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही करें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।
फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। बरामद किए गए रसायनों के नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता चल सके कि इसमें किस तरह के हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
