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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, अभिजीत दीपके बोले- 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'

नई दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की जीत बताते हुए कहा कि "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

25 जुलाई 2026 अपडेट 25 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, अभिजीत दीपके बोले- 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'

NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार कहती थी कि इस शासन में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनता की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के साथ एक दो पन्नों का पत्र भी जारी किया, जिसमें उन्होंने युवाओं को भ्रमित किए जाने का उल्लेख किया।

अभिजीत दीपके ने क्या कहा

स्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन की पहली जीत है। उन्होंने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं— पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा मिले। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिए भी सरकार को जवाबदेह बनाया जा सकता है।

CJP ने बताया आंदोलन की जीत

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने इसे जनता की जीत बताया और कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बाकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे लोकतंत्र, शांति और धैर्य की जीत बताया। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं और नागरिकों को बधाई दी।

भागवत के बयान के बाद बढ़ी चर्चा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि नई पीढ़ी के साथ संवाद जरूरी है और केवल आदेश देने से समाधान नहीं निकलता। उनके बयान के कुछ घंटों बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई

इस्तीफे से पहले NEET पेपर लीक मामले में कई प्रशासनिक कदम उठाए गए थे। अधिकारियों पर कार्रवाई, शिक्षा मंत्रालय में बदलाव और परीक्षा प्रणाली को लेकर कई फैसले चर्चा में रहे।

पेपर लीक रोकने के लिए कानून

सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू कर चुकी है। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल और परीक्षा में धांधली जैसे अपराधों पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

घटनाक्रम (Timeline)

  • 20 जुलाई: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई।
  • 21 जुलाई: सरकार से सीधे संवाद की मांग।
  • 22 जुलाई: सरकार से भरोसे के बाद अनशन समाप्त करने का संकेत।
  • 23 जुलाई: जंतर-मंतर पर बातचीत की मांग।
  • 24 जुलाई: सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की बातचीत।
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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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