डिंडौरी: पुलिस ने 80 किलो गांजे के साथ तस्कर को दबोचा, बिना नंबर की बाइक से हो रही थी तस्करी
Dindori Bajag Police busts major drug operation, seizes 80 kg ganja. आरोपी के पास से करीब 80 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। वह बिना नंबर की मोटरसाइकिल से छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश की ओर गांजे की खेप ले जा रहा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी खेप
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले की बजाग थाना पुलिस ने एक तस्कर को भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 80 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसे वह एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर छिपाकर ले जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ की सीमा से होकर एक व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ लेकर मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाला है। इस गुप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए बजाग पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई और क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया। पुलिस की टीम ने संदिग्धों पर नजर रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर घेराबंदी की थी।
जांच के दौरान पकड़ी गई बाइक
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया। इस बाइक पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। जब पुलिस ने बाइक की तलाशी ली, तो उसमें बड़ी चालाकी से छिपाकर रखा गया करीब 80 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत गांजे की खेप और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक को जब्त कर लिया और आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान अर्जुन कुशवाहा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 20 वर्ष बताई जा रही है। वह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कुम्हारपुर काशीगांव का निवासी है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर 63, गौतमबुद्ध नगर में रह रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इस गांजे की खेप को छत्तीसगढ़ से लाकर उत्तर प्रदेश में खपाने की फिराक में था।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने में लगी है। अधिकारियों का मानना है कि अर्जुन केवल एक जरिया है और इस तस्करी के पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गांजा छत्तीसगढ़ में किससे लिया गया था और उत्तर प्रदेश में इसे किसे सौंपा जाना था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नरेंद्र पाल, सब इंस्पेक्टर संजय धुर्वे, के एन सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
