दिल्ली में लागू होगी केंद्र की 'परिवर्तन' योजना: पुराने वाहनों को हटाने पर मिलेगा भारी प्रोत्साहन
Delhi Parivartan scheme launch for old vehicle scrappage and EV transition. दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन’ (PARIVARTAN) योजना को राजधानी में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है, ताकि परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को सड़कों से हटाकर उनकी जगह आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
2.07 लाख वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि 'परिवर्तन' योजना के दायरे में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिक आएंगे। योजना के तहत, जो वाहन मालिक अपने पुराने बीएस-4 या उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों को स्क्रैप करवाएंगे, उन्हें नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, बल्कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
योजना के तहत मिलने वाले लाभों में मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट शामिल है। इसके अतिरिक्त, वाहन मालिकों को ऋण पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी और वाहन निर्माताओं (OEM) की ओर से 8 प्रतिशत तक की विशेष छूट का लाभ भी मिलेगा। साथ ही, पुराने वाहनों के लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत देने का प्रावधान किया गया है, जिससे वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
स्वच्छ परिवहन की ओर दिल्ली का बड़ा कदम
इस योजना के अंतर्गत केवल ट्रकों को ही नहीं, बल्कि पुरानी बसों को भी शामिल किया गया है। पुरानी बसों को हटाने के बाद उनकी जगह केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। यह कदम राजधानी में सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पहल व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आएगी। 'परिवर्तन' योजना के तहत मिलने वाले ईंधन वाउचर या उसके बराबर के एकमुश्त लाभ से छोटे और मध्यम वाहन मालिकों को भी नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की है, ताकि अधिक से अधिक लोग पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए आगे आ सकें।
योजना के मुख्य बिंदु और पात्रता
योजना के दायरे में हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ-साथ पुरानी यात्री बसें भी शामिल हैं। जो भी वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर जमा करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सभी लाभ प्राप्त होंगे। इसमें 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में पूर्ण माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन शामिल हैं। यह योजना न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि वाहन मालिकों के लिए भी एक आर्थिक अवसर के रूप में देखी जा रही है।
आने वाले समय में, दिल्ली सरकार इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग करेगी ताकि वाहन मालिकों को इसके लाभों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। इस पहल के माध्यम से दिल्ली सरकार का लक्ष्य परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को न्यूनतम स्तर पर लाना है, जिससे शहर की हवा को सांस लेने योग्य बनाया जा सके। योजना के सफल कार्यान्वयन से दिल्ली देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभरेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
