हरियाणा में फर्जी वोटों के जरिए सत्ता हथियाने का कांग्रेस का आरोप, SIR आंकड़ों पर उठाए सवाल
Haryana Congress MLA Naresh Selwal accuses BJP of winning elections via fake voter data. उकलाना से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सामने आए मतदाता सत्यापन के आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भाजपा ने कथित फर्जी वोटों के सहारे प्रदेश में सरकार बनाई और जनता के वास्तविक जनादेश को प्रभावित किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मतदाता सत्यापन के आंकड़ों ने बढ़ाई सियासी हलचल
हरियाणा की राजनीति में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सामने आए मतदाता सत्यापन के आंकड़ों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उकलाना से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने इन आंकड़ों को आधार बनाते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में सत्ता का रास्ता कथित तौर पर फर्जी मतदाताओं के दम पर तय किया गया था, जिससे वास्तविक जनादेश प्रभावित हुआ।
विधायक सेलवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया कि SIR प्रक्रिया से पहले हरियाणा में कुल 2,06,55,929 मतदाता पंजीकृत थे। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान इनमें से केवल 1,72,72,627 मतदाताओं ने ही अपने प्रपत्र जमा किए, जो कुल संख्या का 83.62 प्रतिशत है। शेष 33,88,302 मतदाताओं, यानी लगभग 16.39 प्रतिशत लोगों के प्रपत्र जमा नहीं हो सके, जो चुनावी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।
मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं का खुलासा
सत्यापन के दौरान सामने आए आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए कांग्रेस विधायक ने बताया कि बड़ी संख्या में मतदाता सूची में विसंगतियां पाई गई हैं। उनके अनुसार, सत्यापन में करीब 7.66 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 2.04 लाख मतदाता डुप्लीकेट दर्ज थे। इसके अलावा, 24.13 लाख मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर उपलब्ध ही नहीं हुए, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि ये नाम केवल कागजों पर मौजूद थे।
नरेश सेलवाल ने आरोप लगाया कि ये लाखों की संख्या में मौजूद 'गायब' मतदाता ही चुनाव के दौरान भाजपा की जीत का आधार बने। उन्होंने कहा कि चुनाव संपन्न होते ही ये फर्जी मतदाता गायब हो गए, जो इस बात का प्रमाण है कि चुनावी प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हेरफेर की गई थी।
राहुल गांधी के दावों की पुष्टि का दावा
कांग्रेस विधायक ने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा पर वोटों की चोरी का आरोप लगाया था। उस समय राहुल गांधी ने 'ब्राजील मॉडल' और एक ही मतदाता के कई वोट होने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए थे। सेलवाल का कहना है कि अब SIR के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे राहुल गांधी द्वारा लगाए गए उन आरोपों की पुष्टि करते हैं।
सेलवाल ने जोर देकर कहा कि भाजपा ने जनता के वास्तविक जनादेश को दरकिनार कर फर्जी वोटों के सहारे सत्ता हासिल की। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान सामने आई यह भारी विसंगति कोई सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित चुनावी धांधली का हिस्सा है।
आगे की स्थिति और प्रशासनिक जवाबदेही
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष अब सरकार से इन आंकड़ों पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग को इन विसंगतियों की गहन जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इन विशिष्ट आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
राज्य में मतदाता सूची के शुद्धिकरण की यह प्रक्रिया अब राजनीतिक अखाड़े में बदल गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा के पटल पर भी गूंज सकता है, क्योंकि कांग्रेस ने इन आंकड़ों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
