जंतर-मंतर पर फिर लौटा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, संसद मार्च जारी रखने का एलान
Cockroach Janta Party protest Jantar Mantar to Parliament march clash police detention updates. कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जंतर-मंतर पर फिर से जुटा प्रदर्शनकारियों का हुजूम
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन एक बार फिर शुरू हो गया है। सोमवार शाम को पुलिस द्वारा जगह खाली कराए जाने के महज कुछ घंटों बाद ही प्रदर्शनकारी वापस लौट आए और उन्होंने अपना मंच दोबारा तैयार कर लिया। देर रात तक बड़ी संख्या में समर्थक वहां जमा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका संसद मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। दीपके ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे।
संसद तक पहुंचा प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई झड़प
सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद के दरवाजे तक पहुंच गई। पिछले 14 वर्षों में यह पहला मौका है जब प्रदर्शनकारी संसद के इतने करीब पहुंचे हैं। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़पें हुईं। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, इस हिंसा में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक भी की है।
सरकार के साथ बातचीत और अनशन का मुद्दा
प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। पार्टी प्रवक्ताओं के अनुसार, उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: सोनम वांगचुक की रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET-UG 2026 के अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा। जेपी नड्डा ने इन मांगों पर शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने का आश्वासन दिया है, हालांकि अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे। वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि उनका ब्लड शुगर स्तर कम है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने सरकार पर युवाओं के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जायज है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारियों का अडिग रुख और सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब न मिलने के कारण मंगलवार को भी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बने रहने की आशंका है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
