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प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेगी सरकार: कॉकरोच जनता पार्टी ने दी जानकारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होंगी। CJP प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना ने सोमवार रात एक बजे वीडियो जारी कर यह जानकारी दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

28 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेगी सरकार: कॉकरोच जनता पार्टी ने दी जानकारी
मूल स्रोत

प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, वापस होंगी सभी FIR

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियां (FIR) वापस लेने का आश्वासन दिया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह ने सोमवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सौरव दास ने स्पष्ट किया कि उन्हें बिहार सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति दिखाई गई है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि 26 जुलाई की शाम तक हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR और कानूनी नोटिस वापस लिए जाएंगे। पार्टी ने अपनी आशंका जताते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारियों को विभिन्न राज्यों में निशाना बनाया जा सकता है, जिसके जवाब में सरकार ने सुरक्षा की गारंटी देने का भरोसा दिया है।

कानूनी लड़ाई और CJP की सक्रियता

इस पूरे मामले में CJP की कानूनी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पार्टी को कानूनी सहायता प्रदान करने की घोषणा की है और इसके लिए एक करोड़ रुपये की राशि देने का वादा किया है। पार्टी ने देशभर में लीगल एड सेल बनाने का निर्णय लिया है ताकि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे लोगों को मदद मिल सके। इसके अलावा, एक 'साक्षी पोर्टल' भी लॉन्च किया गया है, जहाँ पीड़ित अपनी आपबीती और पुलिस कार्रवाई के वीडियो अपलोड कर सकते हैं।

पार्टी की ओर से रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि कोलकाता में 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और बिहार के विभिन्न जिलों में पुलिस ने बल प्रयोग किया है। CJP का कहना है कि वे इन सभी मामलों में प्रभावितों को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे।

दिल्ली पुलिस का दावा और सुरक्षा व्यवस्था

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर एक गंभीर दावा किया है। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए की गई जांच में पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों का सत्यापन किया गया है। पुलिस के अनुसार, इनमें से 989 लोग ऐसे हैं जिन पर हत्या, डकैती, बलात्कार और अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने कहा कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

इससे पहले, CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाते हैं, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए इस समझौते के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन आश्वासनों को धरातल पर किस प्रकार लागू किया जाता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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