चंडीगढ़ पीजीआई: सर्जरी के खर्च से परेशान मरीज ने छठी मंजिल से लगाई छलांग, हालत नाजुक
गंभीर रूप से घायल मरीज को तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पीजीआई परिसर में मची अफरा-तफरी
चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक मरीज ने अस्पताल की छठी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इस घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल मरीज को तुरंत उठाकर ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
घायल मरीज की पहचान 65 वर्षीय मेजर सिंह के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ समय से न्यूरोलॉजी से संबंधित बीमारी का इलाज करा रहे थे। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, उन्हें आगे की सर्जरी के लिए एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
आर्थिक तंगी और सर्जरी का तनाव बना कारण
प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मेजर सिंह अपनी बीमारी के इलाज और आगामी सर्जरी के खर्च को लेकर काफी समय से मानसिक तनाव में थे। उनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी, जिसके कारण वे लगातार चिंता में डूबे रहते थे। माना जा रहा है कि इसी आर्थिक बोझ और भविष्य की अनिश्चितता के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उन्हें उपचार के लिए आईसीयू में शिफ्ट किया। फिलहाल उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक उनकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की एक टीम पीजीआई पहुंची। पुलिस ने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों, अस्पताल के कर्मचारियों और मरीज के परिजनों से विस्तृत पूछताछ की है। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेजर सिंह अभी गंभीर रूप से घायल हैं और बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। जब तक डॉक्टर उन्हें मेडिकल रूप से फिट घोषित नहीं कर देते, तब तक उनका बयान दर्ज करना संभव नहीं होगा। पुलिस ने परिजनों को भी धैर्य रखने की सलाह दी है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
अस्पताल प्रशासन की भूमिका
इस घटना ने एक बार फिर बड़े अस्पतालों में मरीजों की मानसिक स्थिति और उनकी काउंसलिंग की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीजीआई प्रशासन ने इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, अभी पूरा ध्यान मरीज को बचाने पर केंद्रित है।
यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि अस्पताल के अन्य मरीजों और कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ा झटका है। फिलहाल, मेजर सिंह के परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
