चंबल नदी में बड़ा हादसा टला: 64 यात्रियों से भरा स्टीमर बीच धार में हुआ बंद, 5 किमी तक बहता रहा

मोहम्मद नवेद
एडिटर

बीच नदी में डीजल खत्म होने से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना जिले की सीमा पर स्थित चंबल नदी में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगरा घाट से उत्तर प्रदेश के कैंजरा घाट की ओर जा रहे एक स्टीमर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उसमें सवार 64 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई। बताया जा रहा है कि बीच धार में स्टीमर का डीजल खत्म हो गया, जिसके बाद इंजन ने काम करना बंद कर दिया।
इंजन बंद होने के कारण स्टीमर पूरी तरह से बेकाबू हो गया और चंबल की तेज लहरों के सहारे करीब 5 किलोमीटर तक बहता रहा। इस दौरान स्टीमर में सवार यात्रियों में दहशत का माहौल था। गनीमत रही कि स्टीमर किसी चट्टान या भंवर में नहीं फंसा और अंततः उसे सुरक्षित किनारे तक लाया जा सका, जिससे सभी यात्रियों की जान बच गई।
प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्टीमर संचालन की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस स्टीमर को उत्तर प्रदेश प्रशासन से अनुमति मिली थी, लेकिन मध्य प्रदेश के मुरैना-भिंड प्रशासन या वन विभाग से इसके संचालन के लिए कोई भी वैध परमिट नहीं लिया गया था। स्थानीय प्रशासन की जानकारी के बिना ही यह सेवा लंबे समय से संचालित की जा रही थी।
इससे पहले भी 21 जुलाई को महुआ पुलिस ने एक अन्य स्टीमर को अवैध रूप से संचालित होने के आरोप में जब्त किया था। बावजूद इसके, सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चंबल नदी में स्टीमर का संचालन जारी रहा। प्रशासन की इस ढिलाई ने यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना के बाद मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसैद घाट पर स्टीमर के संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रियों और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों की सुविधा के लिए अब पुल खोलने की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चंबल नदी में जलस्तर और बहाव को देखते हुए प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। वन विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से अवैध संचालन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कहा गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब नदी के घाटों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
मानसून का असर और नदी का जलस्तर
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे चंबल सहित अन्य नदियों का जलस्तर भी प्रभावित हुआ है। बारिश के इस दौर में नदी में जलप्रवाह तेज होने के कारण स्टीमर जैसे छोटे जलयानों का संचालन और भी जोखिम भरा हो गया है।

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मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!