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जनगणना 2026 की तैयारी: मध्य प्रदेश के ग्वालियर और सिवनी में प्री-टेस्ट शुरू, घर-घर जाकर पूछे जा रहे 40 सवाल

देश में होने वाली जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए पहले प्री-टेस्ट किया जा रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
जनगणना 2026 की तैयारी: मध्य प्रदेश के ग्वालियर और सिवनी में प्री-टेस्ट शुरू, घर-घर जाकर पूछे जा रहे 40 सवाल
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जनगणना की तैयारियों का आगाज

देश में आगामी जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के दो प्रमुख जिलों, ग्वालियर और सिवनी को प्री-टेस्ट के लिए चुना गया है। 18 जुलाई से इन जिलों में जनगणना की टीमें सक्रिय हो गई हैं और घर-घर जाकर लोगों से आवश्यक जानकारी एकत्र कर रही हैं। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, मोबाइल एप्लिकेशन की कार्यक्षमता और डेटा प्रविष्टि के तरीकों को जमीनी स्तर पर परखना है।

प्री-टेस्ट के दौरान गणना करने वाली टीमें प्रत्येक परिवार से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। एक परिवार से लगभग 40 अलग-अलग प्रकार के सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में परिवार के सदस्यों के नाम, उनकी आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शैक्षणिक योग्यता और वर्तमान रोजगार की स्थिति शामिल है। इसके अलावा, आधार कार्ड की जानकारी, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर और कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा रही हैं।

डिजिटल तकनीक का उपयोग और बेघर लोगों पर विशेष ध्यान

इस बार की जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। पारंपरिक कागजी फॉर्म के स्थान पर गणना करने वाली टीमें मोबाइल और टैबलेट का उपयोग कर रही हैं। सीधे डिजिटल डिवाइस में जानकारी दर्ज करने से न केवल डेटा संकलन की गति में वृद्धि होगी, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। यह तकनीक मुख्य जनगणना के दौरान डेटा को सुरक्षित और सटीक रखने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रशासन ने इस बार बेघर लोगों की गणना पर भी विशेष जोर दिया है। जनगणना की टीमें उन स्थानों पर जाकर भी जानकारी एकत्र कर रही हैं जहां बेघर लोग निवास करते हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी व्यक्ति या वर्ग जनगणना की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। मौके पर ही जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था से बेघर आबादी की वास्तविक संख्या का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी।

प्री-टेस्ट के अनुभव से सुधरेगी मुख्य जनगणना

मध्य प्रदेश के जनगणना निदेशक संजीव श्रीवास्तव ने इस प्रक्रिया के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्य जनगणना से पूर्व यह प्री-टेस्ट एक महत्वपूर्ण चरण है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि डेटा जुटाने के दौरान फील्ड में किसी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक बाधाएं तो नहीं आ रही हैं। मोबाइल ऐप के प्रदर्शन और टीम की तैयारियों का आकलन करने के लिए यह एक रिहर्सल की तरह है।

प्री-टेस्ट से प्राप्त होने वाले अनुभव और फीडबैक का उपयोग मुख्य जनगणना की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जब देशव्यापी जनगणना शुरू हो, तो उसमें किसी भी प्रकार की कमी न रहे और प्रत्येक नागरिक की सही जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो सके। ग्वालियर और सिवनी में चल रहे इस परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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