ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

राजस्थान निकाय चुनाव: उदयपुर में भाजपा ने कसी कमर, तीन दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

उदयपुर संभाग में चुनावी कमान मजबूत करने के लिए पार्टी ने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं पर दांव खेला है। उदयपुर संभाग की चुनावी बागडोर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और पूर्व सांसद जसकौर मीणा को सौंपी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

25 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
राजस्थान निकाय चुनाव: उदयपुर में भाजपा ने कसी कमर, तीन दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
मूल स्रोत

उदयपुर संभाग में भाजपा की चुनावी रणनीति को मिली नई धार

राजस्थान में आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक सक्रियता को बढ़ा दिया है। राज्य के विभिन्न संभागों में चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी क्रम में उदयपुर संभाग के लिए एक विशेष चुनाव संचालन समिति का गठन किया गया है, जो जमीनी स्तर पर पार्टी की रणनीति को आकार देगी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने इस संबंध में आधिकारिक सूची जारी की है। उदयपुर संभाग के लिए पार्टी ने तीन अनुभवी और कद्दावर नेताओं पर भरोसा जताया है। इन नेताओं के अनुभव का लाभ उठाकर पार्टी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

दिग्गज नेताओं के कंधों पर उदयपुर की कमान

उदयपुर संभाग की चुनावी बागडोर संभालने के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और पूर्व सांसद जसकौर मीणा को नियुक्त किया गया है। ये तीनों नेता संगठन के भीतर अपनी गहरी पकड़ और चुनावी प्रबंधन में दक्षता के लिए जाने जाते हैं। पार्टी आलाकमान का मानना है कि इन नेताओं की सक्रियता से उदयपुर संभाग के जिलों में भाजपा का चुनावी तंत्र और अधिक मजबूत होगा।

राजेंद्र राठौड़ और नारायण पंचारिया का उदयपुर संभाग के जिलों में पहले से ही काफी सक्रिय दौरा रहा है। वे न केवल स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद रखते हैं, बल्कि क्षेत्र के जातिगत और राजनीतिक समीकरणों की भी बारीकी से समझ रखते हैं। जसकौर मीणा के जुड़ने से समिति को सामाजिक और संगठनात्मक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बूथ स्तर तक पहुंच बनाने की तैयारी

नवगठित संचालन समिति का मुख्य कार्य उदयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में चुनावी रणनीति तैयार करना है। समिति के सदस्य बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे और चुनावी प्रबंधन की बारीकियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन में समन्वय स्थापित करना और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाना है ताकि चुनाव के दौरान पार्टी को बढ़त मिल सके।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह समिति समय-समय पर स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें करेगी और चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेगी। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संपर्क और संवाद ही इस समिति की कार्यप्रणाली का मुख्य हिस्सा होगा। अनुभवी नेताओं की निगरानी में होने वाली ये गतिविधियां भाजपा के लिए आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकती हैं।

चुनावी माहौल और भविष्य की राह

राजस्थान में स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन चुनावों के जरिए पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी लोकप्रियता को परखती है। उदयपुर संभाग में भाजपा की यह नई कवायद स्पष्ट करती है कि पार्टी किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अनुभवी नेताओं की नियुक्ति से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी चुनावी प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर है।

आने वाले दिनों में यह समिति उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों का दौरा करेगी और चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देगी। कार्यकर्ताओं के बीच इन दिग्गज नेताओं की उपस्थिति से चुनावी माहौल में तेजी आने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि इन अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में भाजपा उदयपुर संभाग में अपनी चुनावी रणनीति को किस प्रकार धरातल पर उतारती है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें