बिहार में डिजिटल गवर्नेंस का असर: सहयोग शिविरों में लाखों आवेदनों का निस्तारण, भर्ती प्रक्रिया में तेजी
बिहार सरकार ने दावा किया है कि राज्य में प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल बनाया जा रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल व्यवस्थाओं के कारण लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं मिल रही हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार सरकार ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया है। राज्य प्रशासन का जोर सरकारी योजनाओं को आम जनता तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निवारण पर है। हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं का विवरण साझा किया।
सहयोग शिविरों और RTPS के जरिए सुलभ सेवाएं
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल ने जानकारी दी कि 19 मई से राज्य भर में शुरू किए गए सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक 5,83,886 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,33,904 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों पर संबंधित विभाग तेजी से काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत अब तक 53.80 करोड़ से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है।
सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने 'ऑटो अपील सिस्टम' लागू किया है। इसके तहत जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और श्रमिक पंजीकरण जैसी सेवाओं में यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होता है, तो आवेदन स्वतः ही उच्च अधिकारी के पास अपील के रूप में चला जाता है। इससे जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
पंचायत स्तर तक डिजिटल पहुंच और शिकायत निवारण
डिजिटल क्रांति को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए राज्य की सभी पंचायत सरकार भवनों में 64 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को अपने स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत अब तक 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है, जबकि सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की 16,106 शिकायतों का भी निपटारा किया गया है।
कर्मचारी प्रबंधन के लिए HRMS प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए राज्य के 8 लाख कर्मचारियों का डेटा डिजिटल कर दिया गया है, जिसमें वेतन, सेवा रिकॉर्ड और संपत्ति का विवरण शामिल है। इसके अलावा, जिज्ञासा केंद्र के माध्यम से 12.93 लाख से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की गई है।
1.72 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए कुल 1,72,218 रिक्त पदों की अधियाचना विभिन्न भर्ती आयोगों और चयन संस्थाओं को भेजी जा चुकी है। इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जिससे राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
सरकार का स्पष्ट मानना है कि इन डिजिटल पहलों और प्रशासनिक सुधारों का मुख्य उद्देश्य शासन को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग से न केवल बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है, बल्कि आम नागरिकों का सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का समय भी बचा है। आने वाले समय में इन सेवाओं को और अधिक विस्तार देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!