बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संपत्ति का ब्योरा: योगी आदित्यनाथ से 7 गुना अधिक है नेटवर्थ
Bihar CM Samrat Chaudhary wealth report and comparison with UP Yogi Adityanath and Hemant Soren. 1413 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार देश के सबसे अमीर सीएम हैं। इस मामले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 14वें नंबर पर हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एडीआर की रिपोर्ट में सामने आई मुख्यमंत्रियों की आर्थिक स्थिति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट ने देश के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का विस्तृत ब्योरा पेश किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कुल संपत्ति 11.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के मामले में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से काफी आगे हैं। योगी आदित्यनाथ की घोषित संपत्ति 1.54 करोड़ रुपये है, जिसका अर्थ है कि सम्राट चौधरी उनसे लगभग सात गुना अधिक संपत्ति के मालिक हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सम्राट चौधरी भाजपा के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में छठे स्थान पर काबिज हैं। वहीं, पड़ोसी राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आर्थिक स्थिति की बात करें तो उनके पास 25.33 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो सम्राट चौधरी की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। सम्राट चौधरी की वित्तीय स्थिति में पिछले कुछ समय में बदलाव देखा गया है, क्योंकि 31 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपनी संपत्ति 6.38 करोड़ रुपये घोषित की थी।
संपत्ति का विवरण और आपराधिक मामले
56 वर्षीय सम्राट चौधरी के पास 11 करोड़ 32 लाख 82 हजार 854 रुपये की चल और अचल संपत्ति है। राहत की बात यह है कि उन पर कोई कर्ज नहीं है। उनके पास निवेश के तौर पर 51.68 लाख रुपये के बॉन्ड, डिबेंचर और बीमा पॉलिसी हैं। इसके अलावा, उनके पास 4 लाख रुपये की एनपी बोर राइफल और 2 लाख रुपये की रिवाल्वर भी है। उनकी पत्नी के पास भी गहनों और बैंक खातों के रूप में संपत्ति मौजूद है।
कानूनी मामलों की बात करें तो सम्राट चौधरी के खिलाफ पटना और मुंगेर में दो मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे हैं, जिनमें दंगा करना, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना, जानबूझकर चोट पहुंचाना और गैर-कानूनी सभा करना शामिल है। इन आरोपों के बावजूद, वे अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए हुए हैं।
देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री और अन्य आंकड़े
देशभर के मुख्यमंत्रियों की बात करें तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 1413 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष पर हैं। उनके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (931 करोड़ रुपये) और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (648 करोड़ रुपये) का स्थान आता है। वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सबसे कम संपत्ति वाला मुख्यमंत्री बताया गया है, जिनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है।
एडीआर की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि देश के 45 प्रतिशत मुख्यमंत्री किसी न किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं। इनमें से 35 प्रतिशत मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति 118.07 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जो देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों की आर्थिक संपन्नता को दर्शाती है।
रिपोर्ट पर विवाद और स्पष्टीकरण
एडीआर की इस रिपोर्ट पर कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रिपोर्ट में दी गई जानकारी को भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संपत्ति के मूल्यांकन में वृद्धि बाजार मूल्य बढ़ने के कारण हुई है, न कि नई संपत्ति खरीदने के कारण। उन्होंने अपनी कमाई को पारदर्शी बताया और किसी भी जांच एजेंसी से इसकी जांच कराने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की है।
सुक्खू ने रिपोर्ट की सटीकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें उनकी शैक्षणिक योग्यता का भी सही उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वे चार दशकों से अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करते आ रहे हैं और उनकी आय का स्रोत पूरी तरह से वैध है। इन आंकड़ों के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और उनके कामकाज को लेकर बहस तेज हो गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
