बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर अब लगेगा गुंडा एक्ट
Bihar cabinet meeting decisions on social media abusive posts and engineering university act. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 5 बजे बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इसमें 10 एजेंडों पर मुहर लगी है। सोशल मीडिया पर गाली-गलौच अब पड़ेगी भारी। अभद्र पोस्ट पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के प्रशासनिक और कानूनी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 10 प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। सरकार के इन फैसलों का सीधा असर राज्य में साइबर अपराधों और शैक्षणिक संस्थानों के संचालन पर पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा पर नकेल
कैबिनेट ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है। अब से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गाली-गलौज या अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि डिजिटल स्पेस में मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य है। इस नए प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को छह महीने से लेकर एक साल तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
इस निर्णय के दायरे में केवल सामान्य अभद्र पोस्ट ही नहीं, बल्कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल आरोपी भी आएंगे। पेपर लीक के मामलों को भी अब गुंडा एक्ट के अंतर्गत लाकर सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साइबर और डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने के लिए यह एक बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है।
इंजीनियरिंग शिक्षा में सुधार और नए विश्वविद्यालय
मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई है, जो राज्य में उच्च तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस फैसले के बाद मुजफ्फरपुर में नए वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस विश्वविद्यालय के बनने से न केवल क्षेत्र के छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा के अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
प्रशासनिक सख्ती और भविष्य की राह
कैबिनेट द्वारा लिए गए इन फैसलों को राज्य सरकार की प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। गुंडा एक्ट का दायरा बढ़ाने का निर्णय यह दर्शाता है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई के मूड में नहीं है। विशेष रूप से डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली नफरत और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए यह कानूनी प्रावधान एक प्रभावी हथियार साबित हो सकता है।
आने वाले समय में इन निर्णयों को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक सुरक्षित और अनुशासित वातावरण तैयार करना है, जहाँ तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक शिष्टाचार और कानूनी अनुपालन को प्राथमिकता दी जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
