भोपाल: हेलमेट चेकिंग के दौरान भाजपा नेता और ट्रैफिक टीआई के बीच तीखी नोकझोंक, वीडियो वायरल
राजधानी भोपाल में ट्रैफिक पुलिस की हेलमेट चेकिंग के दौरान की दोपहर को भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी से भिड़ गए। पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे पर करीब ढाई मिनट तक दोनों के बीच तीखी बहस होती रही।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कंट्रोल रूम तिराहे पर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट चेकिंग अभियान के दौरान एक अप्रत्याशित विवाद सामने आया है। पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित और ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हो गई। यह घटना तब शुरू हुई जब पुलिस ने एक बिना हेलमेट बाइक सवार को रोका, जो भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस ने वाहन चालक को रोका, तो उसने भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित से फोन पर बात कराने की कोशिश की। टीआई संजय सूर्यवंशी ने फोन पर बात करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अभय पंडित स्वयं घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां पहुंचते ही दोनों के बीच करीब ढाई मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अवैध वसूली के आरोप और पुलिस की चेतावनी
वायरल वीडियो में भाजपा नेता अभय पंडित ट्रैफिक पुलिस पर वाहन चालकों से अवैध वसूली और 'चौथ' मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं, दूसरी ओर टीआई संजय सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल नियमों के तहत अपनी ड्यूटी निभा रही है और किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहस के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब अभय पंडित ने हाल ही में एक अन्य टीआई के निलंबन का जिक्र किया। इस पर टीआई संजय सूर्यवंशी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब दिया कि वे अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं। टीआई ने भाजपा नेता को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डाली या पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा
इस घटनाक्रम के कारण कंट्रोल रूम तिराहे पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा हो गई। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप का यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार उचित है और क्या पुलिस को अपना काम करने की पूरी आजादी होनी चाहिए।
घटना के बाद ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बहस करने वाले व्यक्ति कौन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी ड्यूटी का पालन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिस वाहन चालक को रोका गया था, उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई पूरी की गई है। गौरतलब है कि उस वाहन चालक के तीन पुराने चालान भी पेंडिंग थे।
आगे की स्थिति
फिलहाल, इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं। हेलमेट चेकिंग के दौरान हुए इस विवाद ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और पुलिस-जनप्रतिनिधि के बीच के संबंधों को लेकर बहस छेड़ दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!