भिवानी: पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर मिलेगी भारी छूट, सरकार की नई योजना का उठाएं लाभ
एसडीएम ने वाहन मालिकों को सरकार की वाहन परिवर्तन योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पुराने कॉमर्शियल वाहनों को एनसीआर में चलाने से बचें, क्योंकि वे निर्धारित समय सीमा और प्रदूषण मानकों के दायरे में नहीं आते।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

भिवानी जिले में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को बदलने के लिए सरकार ने एक विशेष योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हाल ही में तोशाम के लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित एक बैठक के दौरान आरटीए सचिव और एसडीएम महेश कुमार ने बस, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों के मालिकों को इस नीति के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुराने वाहनों को हटाने पर मिलेंगे कई वित्तीय लाभ
एसडीएम महेश कुमार ने स्पष्ट किया कि बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के पुराने वाहनों को सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर जमा कराने पर वाहन मालिकों को कई प्रकार की रियायतें दी जाएंगी। इस योजना के तहत वाहन मालिकों को 10 साल तक मोटर वाहन कर (रोड टैक्स) में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी पूरी तरह से छूट का प्रावधान रखा गया है।
वित्तीय लाभों का दायरा यहीं समाप्त नहीं होता है। वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से भी वाहन की कीमत पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। साथ ही, ऋण लेने पर 5 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी का लाभ भी वाहन मालिकों को मिलेगा। बीएस-4 श्रेणी के वाहन मालिकों को एनसीआर से बाहर जाने के लिए एनओसी लेने की सुविधा दी गई है, ताकि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने पुराने वाहनों को नए और पर्यावरण के अनुकूल बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें।
एनसीआर में पुराने वाहनों पर सख्ती
प्रशासन ने वाहन मालिकों को चेतावनी दी है कि वे एनसीआर क्षेत्र में निर्धारित समय सीमा से अधिक पुराने और प्रदूषण मानकों को पूरा न करने वाले व्यावसायिक वाहनों को न चलाएं। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। एसडीएम ने कहा कि प्रतिबंधित वाहनों को सड़कों पर उतारने के बजाय उन्हें स्क्रैप कराना ही एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि मालिक को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
यह पहल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य सड़कों से पुरानी तकनीक वाले वाहनों को हटाकर आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बढ़ावा देना है। प्रशासन का मानना है कि यदि वाहन मालिक समय रहते इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो जिले में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आएगी।
जागरूकता फैलाने का आह्वान
बैठक के दौरान एसडीएम ने उपस्थित ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों से अपील की कि वे इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्कूल बस संचालकों और अन्य मालवाहक वाहन मालिकों से कहा कि वे अपने स्तर पर भी लोगों को जागरूक करें ताकि जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति इस सरकारी लाभ से वंचित न रहे। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।
भिवानी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में प्रदूषण मानकों को लेकर और अधिक सख्ती बरती जा सकती है। ऐसे में पुराने वाहनों को बदलने की यह योजना एक सुनहरा अवसर है। जो वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नए वाहन अपनाएंगे, उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे सुचारू रूप से अपना व्यवसाय जारी रख सकेंगे।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!