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भिवानी में बिजली कर्मचारियों का बिगुल: निजीकरण और स्मार्ट मीटर के विरोध में 11 से 13 अगस्त तक पूर्ण हड़ताल

हरियाणा में बिजली क्षेत्र के निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ बिजली कर्मचारी और इंजीनियर लामबंद हो गए हैं। भिवानी में विरोध प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
भिवानी में बिजली कर्मचारियों का बिगुल: निजीकरण और स्मार्ट मीटर के विरोध में 11 से 13 अगस्त तक पूर्ण हड़ताल
मूल स्रोत

बिजली क्षेत्र में निजीकरण के खिलाफ भिवानी में फूटा आक्रोश

हरियाणा के भिवानी में बिजली विभाग के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सरकार की नई नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय सिटी डिवीजन कार्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एग्री डिस्कॉम का गठन और प्राइवेट पैरेलल लाइसेंस जारी करना सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बर्बाद करने की एक सोची-समझी साजिश है।

इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता ऑल हरियाणा पॉवर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के यूनिट प्रधान सुरेश अटरिया और सोमबीर ने की। वहीं, इंजीनियरिंग एसोसिएशन की ओर से एक्सईन संजय रंगा भी इस आंदोलन में शामिल हुए। मंच का संचालन यूनिट सचिव विकास शर्मा ने किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार की ये नीतियां न केवल कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरा हैं, बल्कि आम जनता और किसानों पर भी आर्थिक बोझ डालने वाली हैं।

स्मार्ट मीटर और एग्री डिस्कॉम का कड़ा विरोध

कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जबरन स्मार्ट मीटर थोपने की योजना से गरीब उपभोक्ताओं और किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली बिलों का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जो पूरी तरह से जनविरोधी है। इंजीनियरिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि नारायण प्रकाश ने कहा कि सार्वजनिक बिजली तंत्र को पूंजीपतियों के हवाले करने की अनुमति किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि निजीकरण की राह छोड़कर सार्वजनिक हित में निर्णय लिए जाएं।

11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय महा-हड़ताल का ऐलान

आंदोलन की अगली रणनीति के तहत बिजली कर्मचारियों ने 11, 12 और 13 अगस्त को संपूर्ण हरियाणा में तीन दिवसीय पूर्ण काम बंद हड़ताल का निर्णय लिया है। इससे पहले 10 अगस्त को किसान मोर्चा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शन में भी बिजली कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि हड़ताल के दौरान यदि बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है या जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार और बिजली निगम प्रबंधन की होगी। उन्होंने जनता से इस लड़ाई में सहयोग की अपील की है।

क्या है हड़ताल का मुख्य कारण?

मुख्य रूप से यह विरोध चार प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित है: बिजली क्षेत्र का निजीकरण, एग्री डिस्कॉम का गठन, निजी कंपनियों को पैरेलल लाइसेंस देना और उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपना। कर्मचारियों का मानना है कि ये कदम बिजली विभाग की कार्यक्षमता को प्रभावित करेंगे और आम आदमी की पहुंच से बिजली को महंगा बना देंगे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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