भिंड में साइबर ठगी का शिकार हुआ किसान, बिना ओटीपी साझा किए खाते से उड़े 99 हजार रुपये
Bhind Gormi Didauna farmer loses ₹99,000 to cyber fraud. किसान को बीते 11 मई 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे उनके मोबाइल पर खाते से 39 हजार रुपये कटने का संदेश आया। वह इस ट्रांजेक्शन को समझ पाते, उससे पहले ही 60 हजार रुपये का दूसरा ट्रांजेक्शन भी हो गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपना जाल बिछाया है। गोरमी थाना क्षेत्र के डिडौना गांव में रहने वाले एक किसान के बैंक खाते से अज्ञात ठगों ने बड़ी चालाकी से 99 हजार रुपये की राशि उड़ा ली। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित किसान ने न तो अपना ओटीपी साझा किया और न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद उनके खाते से पैसे कट गए।
दो ट्रांजेक्शन में खाली हुआ खाता
पीड़ित किसान रामप्रकाश, जो बाबूराम शर्मा के पुत्र हैं, का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। 11 मई 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे उनके मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें उनके खाते से 39 हजार रुपये कटने की जानकारी दी गई थी। रामप्रकाश अभी इस संदेश को समझ ही रहे थे कि कुछ ही पलों के भीतर उन्हें 60 हजार रुपये कटने का दूसरा संदेश प्राप्त हुआ। इस तरह मात्र कुछ मिनटों के अंतराल में उनके खाते से कुल 99 हजार रुपये की बड़ी रकम गायब हो गई।
अचानक हुए इन ट्रांजेक्शन से किसान स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खाते की स्थिति की जानकारी ली। बैंक से पुष्टि होने के बाद कि वास्तव में उनके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं, उन्होंने तुरंत गोरमी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। किसान ने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को अपना यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी नहीं दी थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे एक सोची-समझी साइबर धोखाधड़ी का मामला माना है। इस संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन की विस्तृत रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर बिना ओटीपी के पैसे कैसे स्थानांतरित हुए।
जांच अधिकारी तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रेल का सहारा ले रहे हैं। पुलिस का मानना है कि अपराधी ने किसी तकनीकी खामी या क्लोनिंग के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया हो सकता है। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल की टीम आरोपी के डिजिटल पदचिह्नों का पीछा कर रही है ताकि उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में साइबर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिनमें रिमोट एक्सेस ऐप या सिम स्वैपिंग जैसी तकनीकें शामिल हो सकती हैं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खातों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
भिंड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके खाते से बिना उनकी जानकारी के कोई भी ट्रांजेक्शन होता है, तो वे तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके खाता फ्रीज करवाएं और नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें। साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी तुरंत शिकायत दर्ज की जा सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
