ब्यावर में यात्री बसों पर प्रशासन का शिकंजा: 7 बसों की जांच में एक जब्त, लाखों का जुर्माना
ब्यावर में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात से मध्यरात्रि तक लग्जरी और स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण किया गया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

ब्यावर में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त हुआ प्रशासन
राजस्थान के ब्यावर जिले में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक बड़ा संयुक्त जांच अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर दौड़ने वाली लग्जरी और स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों की जांच करना था। देर रात से लेकर मध्यरात्रि तक चले इस औचक निरीक्षण के दौरान कई बसों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला और एक बस को जब्त भी कर लिया।
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों के तहत अंजाम दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनल पारीख के नेतृत्व में गठित इस संयुक्त टीम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उप पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी और यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजरने वाली 7 लग्जरी और स्लीपर बसों को रुकवाकर उनकी गहन जांच की।
जांच में सामने आई सुरक्षा मानकों की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, और चालक के लाइसेंस की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, बसों के भीतर आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और प्राथमिक उपचार किट जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि कई बस ऑपरेटर नियमों को ताक पर रखकर बसों का संचालन कर रहे थे।
अधिकारियों को कई बसों में स्वीकृत क्षमता से अधिक सीटें लगी मिलीं, जो कि गंभीर सुरक्षा जोखिम है। इसके अलावा, बसों में किए गए अनधिकृत मॉडिफिकेशन और आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां पाई गईं। इन नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने 5 बसों के चालान काटे और कुल 3.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। एक बस को सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
यात्री सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनल पारीख ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की जान बचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बस संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष जांच अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह आगामी एक महीने तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान जिले की सीमाओं से गुजरने वाली सभी लग्जरी और स्लीपर बसों की नियमित निगरानी की जाएगी। अभियान का मुख्य लक्ष्य केवल दंडित करना नहीं, बल्कि परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि देर रात को सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सराहनीय प्रयास है। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा की जाने वाली यह सख्ती सड़क हादसों में कमी लाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
