बाड़मेर में मानसून की दस्तक: उमस से बेहाल लोग, अगले तीन दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी
बाड़मेर में सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। दिनभर सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बाड़मेर में बादलों की आवाजाही के बीच उमस का प्रकोप
राजस्थान के बाड़मेर जिले में मानसून के आगमन के बाद से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मंगलवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा। हालांकि, बादलों की मौजूदगी के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से कोई खास राहत नहीं मिली है। दिनभर लोग उमस के कारण पसीने से तरबतर नजर आए, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में करीब 4 डिग्री कम है। तापमान में आई इस गिरावट के बावजूद हवा में नमी की अधिकता ने उमस को बरकरार रखा है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून की देरी और बारिश का पूर्वानुमान
इस वर्ष मानसून अपने निर्धारित समय से करीब 10 दिन की देरी से बाड़मेर पहुंचा है। मानसून के विलंब से आने के कारण जुलाई के शुरुआती दिनों में गर्मी का असर काफी अधिक रहा। सोमवार को जिले के लगभग 30 प्रतिशत हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि 70 प्रतिशत क्षेत्र अभी भी अच्छी बारिश की प्रतीक्षा में हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों यानी 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मेघगर्जना के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। सोमवार को बाड़मेर शहर में 6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया था। वहीं, ग्रामीण इलाकों में नोखड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक 38 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोमवार को चली तेज हवाओं और अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पांच साल में सबसे गर्म जुलाई का रिकॉर्ड
इस बार मानसून की देरी ने गर्मी के पुराने रिकॉर्ड को भी प्रभावित किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में जुलाई का महीना इस बार सबसे अधिक गर्म रहा है। सोमवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो जुलाई 2025 में अधिकतम तापमान 38 डिग्री, 2024 में 41.2 डिग्री, 2023 में 39.6 डिग्री, 2022 में 38.2 डिग्री और 2021 में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही अब तापमान में क्रमिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, उमस का स्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। किसान भी अब मानसून की बेहतर बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि खरीफ की फसलों को लाभ मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!