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हनुमानगढ़: आरपीएससी परीक्षा में महिला शिक्षिकाओं ने ड्यूटी को लेकर प्रशासन से लगाई गुहार

हनुमानगढ़ में महिला शिक्षिकाओं ने आरपीएससी वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा के दौरान लगातार दो पारियों की ड्यूटी से राहत की मांग की है। एडीएम को सौंपे ज्ञापन में पारिवारिक जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य का हवाला दिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 490
हनुमानगढ़: आरपीएससी परीक्षा में महिला शिक्षिकाओं ने ड्यूटी को लेकर प्रशासन से लगाई गुहार
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लगातार दो पारियों की ड्यूटी से शिक्षिकाओं की परेशानी

हनुमानगढ़ जिले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित की जाने वाली वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2026 को लेकर महिला शिक्षिकाओं ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। जंक्शन स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की महिला व्याख्याताओं ने अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं परीक्षा समन्वयक उम्मेदीलाल मीणा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने परीक्षा के दौरान वीक्षक ड्यूटी में राहत देने की मांग की है।

शिक्षिकाओं का कहना है कि उनके विद्यालय को अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए केंद्र के रूप में चुना जाता है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों को लगातार दोनों पारियों में वीक्षक के रूप में तैनात किया जाता है। इस व्यवस्था के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र पर करीब 12 घंटे तक रुकना पड़ता है, जिससे न केवल शारीरिक थकान होती है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता है। लंबे समय तक ड्यूटी पर रहने का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

पारिवारिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों का हवाला

ज्ञापन सौंपने वाली शिक्षिकाओं में शामिल कान्ता ने बताया कि महिला शिक्षिकाओं को विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ अपने घर और परिवार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना पड़ता है। लगातार दो पारियों में ड्यूटी करने के कारण उन्हें अपने निजी जीवन और परिवार के लिए समय नहीं मिल पा रहा है। विशेष रूप से रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी लगने से वे अपने परिवार के साथ समय नहीं बिता पाती हैं, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षिकाओं ने स्पष्ट किया है कि वे परीक्षा के संचालन के महत्व को समझती हैं और अपना कर्तव्य निभाने के लिए तत्पर हैं, लेकिन लगातार दो पारियों की ड्यूटी उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गई है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनकी पारिवारिक परिस्थितियों और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए।

12 से 17 जुलाई तक प्रस्तावित है परीक्षा

आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2026 का आयोजन 12 जुलाई से 17 जुलाई तक किया जाना प्रस्तावित है। इस परीक्षा में प्रतिदिन दो पारियों में पेपर आयोजित किए जाएंगे। महिला व्याख्याताओं ने मांग की है कि उन्हें केवल एक पारी में ही वीक्षक ड्यूटी आवंटित की जाए। उनका मानना है कि यदि प्रशासन इस मांग पर विचार करता है, तो इससे परीक्षा का कार्य भी सुचारू रूप से चलता रहेगा और शिक्षिकाओं को भी बड़ी राहत मिल सकेगी।

अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा को सौंपे गए इस ज्ञापन पर अब प्रशासन क्या निर्णय लेता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। शिक्षिकाओं की यह मांग परीक्षा प्रबंधन और मानवीय दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक प्रयास है। फिलहाल, इस मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन शिक्षिकाओं को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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