बालाघाट फोर्टिफाइड चावल घोटाला: तीन और राईस मिलर्स गिरफ्तार, अब तक सात सलाखों के पीछे
Balaghat fortified rice scam SIT investigation latest news updates. बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर फोर्टिफाइड चावल खरीदने के आरोप में पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने तीन राईस मिलर्स को गिरफ्तार किया है। करोड़ों के इस बहुचर्चित घोटाले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बालाघाट में चावल घोटाले की जांच तेज, एसआईटी ने कसा शिकंजा
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सामने आए बहुचर्चित फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एथेनॉल प्लांट के नाम पर सरकारी चावल की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने तीन और राईस मिलर्स को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्री बिहारी राईस मिल नैतरा के संचालक बिहारी पटले और शांति राईस मिल नैतरा के संचालक प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन मिलर्स पर आरोप है कि उन्होंने एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित चावल को प्लांट तक पहुंचाने के बजाय अवैध रूप से बाजार में खपाया और फिर से मिलिंग कर सरकार को ही वापस बेच दिया।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि पिछले छह से आठ महीनों के दौरान बालाघाट स्थित एफसीआई और अन्य सरकारी गोदामों से लगभग 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक फोर्टिफाइड चावल निकाला गया था। यह चावल गरीबों के राशन के लिए आवंटित था, जिसे एथेनॉल प्लांट के नाम पर डायवर्ट किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह चावल प्लांट तक पहुंचने के बजाय दलालों के माध्यम से सीधे राईस मिलर्स तक पहुंचाया गया।
इस पूरे खेल में राईस मिलर्स ने सरकारी नीति की आड़ लेकर करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया। मिलर्स ने चावल की दोबारा पॉलिशिंग और मिलिंग कर उसे वापस सरकारी कोटे में जमा करा दिया, जिससे सरकार को दोहरा नुकसान हुआ। पुलिस ने अब तक 5 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल की कड़ियों को जोड़ लिया है, जो सीधे तौर पर इन मिलर्स के पास जाने के प्रमाण मिले हैं।
फरार आरोपियों की तलाश और पुलिस की अगली रणनीति
इस बड़े फर्जीवाड़े में अभी भी 13 से अधिक आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चावल खाली करने वाले 20 से अधिक ट्रकों को अपने कब्जे में ले लिया है। फरार आरोपियों में एवीजे एथेनॉल प्लांट बोरगांव छिंदवाड़ा, सिवनी राईस मिलर्स और संचेती राईस मिलर्स के संचालक शामिल हैं, जो पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच में कई रसूखदार लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इस सिलसिले में एक पूर्व मंत्री के भतीजे से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। एसआईटी का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और घोटाले की पूरी परतें खोल दी जाएंगी।
यह घोटाला न केवल सरकारी खजाने को चूना लगाने का मामला है, बल्कि गरीबों के हक के राशन के साथ खिलवाड़ का भी है। प्रशासन अब गोदामों और मिलों के स्टॉक की गहन जांच कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की धांधली को रोका जा सके। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई से राईस मिलर्स और दलालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
