बालाघाट: चंदन नदी में नहाने गए 11 वर्षीय बच्चे की बहाव में बहने से तलाश जारी
बालाघाट के वारासिवनी थाना इलाके में रविवार शाम को चंदन नदी में नहाने गया 11 साल का श्रेयांश देशमुख पानी के तेज बहाव में बह गया। श्रेयांश अपने चार दोस्तों (साहिल, पार्थ देशमुख, भानु देशमुख और अनोख देशमुख) के साथ शहर के वार्ड नंबर 11 हैदराबाद मोहल्ला के पास से बहने वाली चंदन नदी में नहाने गया था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां वारासिवनी थाना क्षेत्र में चंदन नदी के तेज बहाव में 11 साल का एक बच्चा बह गया। घटना रविवार शाम की है, जब बच्चा अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने के लिए गया था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया।
दोस्तों के साथ नहाने गया था श्रेयांश
लापता बच्चे की पहचान श्रेयांश देशमुख के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, श्रेयांश अपने चार दोस्तों—साहिल, पार्थ देशमुख, भानु देशमुख और अनोख देशमुख के साथ वार्ड नंबर 11 स्थित हैदराबाद मोहल्ला के पास से गुजरने वाली चंदन नदी में नहाने गया था। यह इलाका शहर के काफी करीब है, जहां अक्सर स्थानीय बच्चे नहाने के लिए जाते हैं।
नदी में नहाते समय स्थिति अचानक बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के अनुसार, सबसे पहले अनोख गहरे पानी में डूबने लगा था, जिसे पार्थ ने समय रहते बचा लिया। इसके तुरंत बाद पार्थ खुद गहरे पानी की चपेट में आ गया, जिसे साहिल ने किसी तरह बाहर निकाला। इसी आपाधापी के बीच श्रेयांश गहरे पानी की ओर चला गया और नदी के तेज बहाव में ओझल हो गया।
डर के कारण बच्चों ने देर से दी जानकारी
घटना के बाद श्रेयांश के साथ गए चारों दोस्त बुरी तरह घबरा गए थे। डर के मारे उन्होंने तुरंत किसी को कुछ नहीं बताया और अपने-अपने घर लौट आए। जब शाम तक श्रेयांश अपने घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। जब परिजनों ने उसके दोस्तों से पूछताछ की, तब उन्होंने डरते-डरते पूरी घटना की जानकारी दी।
बच्चे के नदी में बहने की बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट से एसडीईआरएफ (SDRF) की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो लापता बच्चे की तलाश में जुटी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही चुनौतियां
वर्तमान में मानसून का सीजन होने के कारण चंदन नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव भी अत्यंत तेज है। तेज बहाव और नदी की गहराई के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रात के अंधेरे और नदी के उग्र रूप के कारण खोजबीन अभियान को गति देने में बाधाएं आ रही हैं।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। श्रेयांश के परिजन गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चे को खोजने की गुहार लगा रहे हैं। फिलहाल, रेस्क्यू टीम द्वारा नदी के संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में जाल और नावों के जरिए तलाश की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर नदी के किनारे रहने वाले परिवारों और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों के पास जाने से बचें, क्योंकि पानी का बहाव कब खतरनाक हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। फिलहाल, पूरे इलाके में श्रेयांश की सलामती के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
