बालाघाट में 1160 करोड़ का चावल घोटाला: पुलिस ने दर्ज की FIR, राइस मिलर्स पिता-पुत्र फरार
Balaghat 1160 Crore Rice Scam FIR 13 accused 4 arrested. बालाघाट जिले में एफसीआई गोदाम से एथेनॉल प्लांट भेजे जा रहे करीब 1,160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस ने शनिवार शाम FIR दर्ज की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सरकारी फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। करीब 1,160 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में पुलिस ने शनिवार शाम वारासिवनी थाने में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई एक विस्तृत जांच के बाद की गई है, जिसमें एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल की अवैध खरीद-बिक्री का खुलासा हुआ था।
13 से अधिक आरोपी, चार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 13 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट का प्रतिनिधि राहुल प्रताप, प्लांट सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी के ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं। वहीं, संचेती राइस मिल के संचालक गंभीर संचेती और उनके बेटे सौरभ संचेती फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अदालत से गैर-जमानती वारंट प्राप्त कर लिया है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
घोटाले की परतें तब खुलीं जब 3 जून को वारासिवनी में संचेती राइस मिल के पास सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरा एक ट्रक पकड़ा गया। यह चावल बालाघाट के एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एथेनॉल प्लांट भेजा जाना था। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यह केवल एक ट्रक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई राइस मिलर्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का बड़ा गठजोड़ शामिल है।
मुनाफे का खेल और एसआईटी का गठन
जांच में सामने आया है कि सरकारी सिस्टम से करीब 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निकलने वाला चावल बाजार में 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा जा रहा था। इस अंतर से होने वाले मुनाफे को नेटवर्क में शामिल विभिन्न स्तरों पर बांटा जा रहा था। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 20-25 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सिवनी के दो राइस मिलर्स सहित करीब 5-6 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा विस्तृत है और हर उस कड़ी को खंगाला जा रहा है जो इस अवैध व्यापार से जुड़ी हो सकती है।
सीबीआई जांच की मांग और राजनीतिक बयानबाजी
इस घोटाले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने इस मामले में एक पूर्व मंत्री और उनके भाई की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका तर्क है कि सरकारी चावल की सप्लाई केवल एक एथेनॉल प्लांट तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक व्यापक नेटवर्क का हिस्सा है।
देश में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को पर्यावरण के अनुकूल नीति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इस मामले ने नीति के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल में से अधिकांश का उपयोग एथेनॉल बनाने में हुआ ही नहीं, बल्कि उसे दोबारा सरकारी गोदामों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
फिलहाल, पुलिस की एसआईटी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और जब्त किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि जांच का दायरा अन्य एथेनॉल प्लांटों तक भी फैल सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
