आजमगढ़: जमीन की पैमाइश के बदले रिश्वत मांगना लेखपाल को पड़ा भारी, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों दबोचा
Azamgarh Anti Corruption Bureau arrest Lekhpal taking bribe for land measurement. आजमगढ़ जिले के तरवा थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार को रात 8 बजे ₹10000 की रिश्वत लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में पीड़ित धर्मेंद्र शर्मा और बबलू शर्मा ने जमीन की पैमाइश को लेकर कई बार लेखपाल से संपर्क किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जमीन की पैमाइश के नाम पर वसूली
आजमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तरवा थाना क्षेत्र में तैनात एक लेखपाल को जमीन की पैमाइश के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लेखपाल की पहचान संत लाल गौतम के रूप में हुई है, जो काफी समय से फरियादियों को परेशान कर रहा था।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब धर्मेंद्र शर्मा और बबलू शर्मा नामक दो व्यक्तियों ने अपनी जमीन की पैमाइश के लिए लेखपाल से संपर्क किया। पीड़ितों का आरोप है कि लेखपाल ने सरकारी काम को पूरा करने के बजाय उनसे अवैध रूप से पैसों की मांग शुरू कर दी। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद जब काम नहीं हुआ, तो पीड़ितों ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन यूनिट से करने का निर्णय लिया।
मिठाई की दुकान के पास बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया। शुक्रवार की रात करीब 8 बजे का समय तय किया गया। टीम के प्रभारी आनंद कुमार वर्मा और इंस्पेक्टर कमलेश कुमार पासवान के नेतृत्व में पुलिस बल लालगंज स्थित 'जय मां वैष्णो स्वीट हाउस' के पास सादे कपड़ों में तैनात हो गया।
जैसे ही पीड़ित ने केमिकल लगे हुए नोट लेखपाल संत लाल गौतम को सौंपे, टीम ने तुरंत उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। नोटों पर लगे केमिकल के कारण लेखपाल के हाथ रंग गए, जिससे रिश्वत लेने का प्रमाण स्पष्ट हो गया। मौके पर मौजूद टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़कर पूछताछ शुरू की।
कानूनी कार्रवाई और विभागीय स्थिति
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी राजस्व और शिक्षा विभाग से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। हालांकि, बार-बार की इन गिरफ्तारियों के बावजूद सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की जड़ें अभी भी गहरी बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लेखपाल जैसे पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर छोटे-छोटे कामों के लिए आम जनता का शोषण करते हैं। इस गिरफ्तारी के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग इस मामले में सख्त विभागीय जांच भी करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
फिलहाल, आरोपी लेखपाल को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पहले भी इस तरह की अवैध वसूली में शामिल रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
