मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना: अब दिल्ली और हरियाणा में भी मिलेगा 25 लाख तक का मुफ्त इलाज
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू कर दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के मरीजों को बड़ी राहत: अब पड़ोसी राज्यों में भी मुफ्त उपचार
राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के दायरे को विस्तार देते हुए 'आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी' की सुविधा शुरू कर दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य के लाखों पात्र परिवारों को अब दिल्ली और हरियाणा सहित देश के अन्य हिस्सों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। विशेष रूप से झुंझुनूं जैसे सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत है, जो चिकित्सा आपात स्थिति में अक्सर पड़ोसी राज्यों के अस्पतालों का रुख करते हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत, योजना के पात्र लाभार्थी अब देश भर के इंपैनल्ड अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकेंगे। हालांकि, इस सूची में वर्तमान में कर्नाटक और तमिलनाडु को शामिल नहीं किया गया है। इस कदम का उद्देश्य मरीजों को आर्थिक बोझ से मुक्त करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करना है।
सीमावर्ती जिलों के निवासियों को सीधा लाभ
झुंझुनूं जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, पिलानी, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना और पचेरीकलां जैसे क्षेत्रों के लोग इलाज के लिए हरियाणा के नारनौल, भिवानी और लोहारू जैसे शहरों पर निर्भर रहते हैं। अब तक, इन क्षेत्रों के मरीजों को पड़ोसी राज्यों में इलाज कराने पर अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था, क्योंकि योजना का लाभ केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित था। अब पोर्टेबिलिटी सुविधा के कारण, ये मरीज बिना किसी आर्थिक चिंता के इन बड़े अस्पतालों में भर्ती हो सकेंगे।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 184 और हरियाणा में 1,366 ऐसे अस्पताल हैं जो इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। मरीजों को केवल अपना जनाधार कार्ड साथ ले जाना होगा, जिसके आधार पर उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। झुंझुनूं जिले के लगभग 3.89 लाख पात्र परिवारों को इस नई सुविधा का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना में शामिल उपचार और प्रक्रिया
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत कुल 2,179 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें हृदय संबंधी सर्जरी जैसे स्टेंटिंग और बायपास, कैंसर के लिए कीमोथेरेपी, किडनी ट्रांसप्लांट, नियमित डायलिसिस और विभिन्न प्रकार की जनरल सर्जरी शामिल हैं। गंभीर बीमारियों के लिए यह कवरेज मरीजों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रही है। वर्तमान में झुंझुनूं जिले में 38 सरकारी और 43 निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं, जहां से लगातार उपचार के लिए TID जनरेट की जा रही हैं।
भविष्य की राह और पारदर्शिता
इस पोर्टेबिलिटी सुविधा के लागू होने से न केवल मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें बड़े शहरों के विशेषज्ञ अस्पतालों में उपचार की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र परिवार को इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
आने वाले समय में इस योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में और अधिक सुधार होगा। यह पहल राजस्थान के स्वास्थ्य ढांचे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!