अयोध्या में सावन मेले का आगाज: शिवालयों में उमड़ी आस्था, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Ayodhya Sawan Mela 2026 begins today with grand preparations for Bholenath Jalabhishek. अयोध्या में सावन माह की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। रामनगरी के प्रमुख शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अयोध्या में सावन के पवित्र महीने की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। रामनगरी के प्रमुख शिवालयों में भगवान शिव की आराधना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। प्रशासन ने इस दौरान आने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रमुख शिवालयों में विशेष प्रबंध
सरयू तट पर स्थित नागेश्वरनाथ महादेव मंदिर और राम पथ पर स्थित क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रवेश व निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
सावन का पूरा महीना शिव भक्ति के लिए समर्पित रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पार्थिव शिवलिंग पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। कई स्थानों पर शिवपुराण कथाओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे रामनगरी का वातावरण पूरी तरह से शिवमय हो गया है। सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण उन दिनों मंदिरों में विशेष भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
कांवड़ियों का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था
सावन माह के साथ ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है। नागेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, सावन भर लाखों श्रद्धालु पौराणिक शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए अयोध्या पहुंचेंगे। विशेष रूप से सावन कृष्ण त्रयोदशी के आसपास कांवड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन वर्मा और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने राम की पैड़ी और मणि पर्वत झूला मेले के क्षेत्रों का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: सुरक्षा
डीआईजी सोमेन वर्मा ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आपदा प्रबंधन और नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
सावन मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम की टीम को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पार्किंग स्थलों को मंदिर परिसर से उचित दूरी पर व्यवस्थित किया गया है। प्रशासन ने आने वाले सभी भक्तों से सहयोग की अपील की है ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
आगामी 15 अगस्त को आयोजित होने वाला झूलोत्सव इस मेले का एक प्रमुख आकर्षण होगा। प्रशासन ने इस उत्सव के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सावन के दौरान होने वाले इन आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था का संचार हो रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी रौनक बढ़ गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
