अयोध्या: 90 वर्षीय विधवा की शिकायत पर डीएम सख्त, विवादित भूमि पर निर्माण कार्य पर लगाई रोक
Milkipur Mohammadpur land dispute DM orders fresh survey after 90-year-old widow complaint. जिले के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव की 90 वर्षीय निराश्रित चंद्रावती ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों पर पद के दुरुपयोग, गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

क्या है पूरा मामला
अयोध्या जिले के मिल्कीपुर तहसील अंतर्गत मोहम्मदपुर गांव में एक 90 वर्षीय निराश्रित महिला चंद्रावती ने न्याय की गुहार लगाई है। चंद्रावती ने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है कि राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके खिलाफ गलत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से विवादित भूमि पर चल रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य को रोकने का आदेश जारी किया है।
पीड़ित वृद्धा का कहना है कि वह गाटा संख्या 3708 और 3709 की संक्रमणीय भूमिधर हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2019 में चकबंदी न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने पैमाइश कर उन्हें जमीन का कब्जा दिलाया था, जिस पर वह तब से काबिज हैं। उनका आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर लेखपाल, कानूनगो और सहायक चकबंदी अधिकारी ने बिना किसी विधिवत पैमाइश के उनकी जमीन के बीच से रास्ता निकालने की योजना बना ली है।
प्रशासनिक लापरवाही और भ्रामक रिपोर्ट के आरोप
चंद्रावती ने आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि के बीच से सड़क निकालने से उनकी जमीन दो हिस्सों में बंट जाएगी, जिससे उन्हें भारी नुकसान होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसडीएम के निर्देश होने के बावजूद राजस्व टीम ने सही पैमाइश नहीं की और उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए गलत रिपोर्ट भेजी गई। वृद्धा के परिवार ने जिलाधिकारी को खतौनी, नक्शा और पूर्व के न्यायालयीय आदेश सौंपकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है।
वृद्धा के पुत्र ने बताया कि यह पूरा मामला अभी उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैमाइश के दौरान जानबूझकर गाटा संख्या 3708 व 3709 के स्थान पर 3667 व 3668 का उल्लेख किया गया ताकि भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके। परिवार का तर्क है कि विपक्षी पक्ष के पास पहले से ही तीन तरफ से आरसीसी सड़क की सुविधा उपलब्ध है और उनकी जमीन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही सड़क निर्माण में जा चुका है।
डीएम ने दिए दोबारा पैमाइश के निर्देश
जिलाधिकारी ने वृद्धा की शिकायत और साक्ष्यों को देखने के बाद एसडीएम मिल्कीपुर को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक नई टीम का गठन किया जाए। इस नई टीम को खतौनी और नक्शे के आधार पर दोबारा पैमाइश करने का कार्य सौंपा गया है ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और महिला को न्याय मिल सके।
फिलहाल, जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद विवादित स्थल पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। नई टीम द्वारा दोबारा पैमाइश की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व विभाग की नई रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या वृद्धा को उनकी जमीन पर पूर्ण स्वामित्व और सुरक्षा मिल पाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
