औरंगाबाद: सोन नदी में नहाने गईं दो किशोरियों की डूबने से दर्दनाक मौत
Aurangabad Son river drowning accident tragic death of two minor girls. ग्रामीणों के अनुसार दोनों बच्चियां अन्य बच्चों के साथ सोन नदी में नहाने गई थीं। नहाने के दौरान वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गईं और देखते ही देखते डूबने लगीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के औरंगाबाद जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां सोन नदी में नहाने गई दो नाबालिग बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा बारुण थाना क्षेत्र के गोठौली गांव के पास हुआ। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय खुशी कुमारी और 11 वर्षीय निधि उर्फ सिंधु कुमारी के रूप में की गई है। दोनों बच्चियां अपने गांव के अन्य साथियों के साथ नदी किनारे गई थीं, लेकिन यह दिन उनके परिवारों के लिए मातम में बदल गया।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों किशोरियां अपने दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने के लिए उतरी थीं। नहाने के दौरान वे अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में चली गईं। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे अचानक डूबने लगीं। आसपास मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों बच्चियां पानी में ओझल हो चुकी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही बारुण थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरियों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है। बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला डूबने से हुई मौत का ही लग रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गोठौली पंचायत के मुखिया मनोज चौधरी ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रशासन के माध्यम से सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा राहत राशि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बरसात के मौसम में सावधानी की अपील
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के इस मौसम में सोन नदी का जलस्तर बढ़ गया है और बहाव भी काफी तेज है, जिससे नदी में नहाना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने भी ग्रामीणों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को नदी, तालाब या किसी भी गहरे जलाशय के पास अकेले न जाने दें। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बेहद आवश्यक है।
यह घटना एक बार फिर से जल निकायों के पास सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण इलाकों में बच्चों का नदी-नालों में नहाने जाना आम बात है, लेकिन बदलते मौसम और जलस्तर में वृद्धि के कारण ये स्थान खतरनाक हो जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सावधानी बरतें और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
