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नीट पेपर लीक: अरविंद केजरीवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के वादे को बताया छलावा, सीबीआई की भूमिका पर उठाए सवाल

नीट पेपर लीक मामले GENZ छात्रों के प्रदर्शन के बीच बीती रात को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देर रात को 12 बजे एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। पीएम ने बताया कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा होगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
नीट पेपर लीक: अरविंद केजरीवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के वादे को बताया छलावा, सीबीआई की भूमिका पर उठाए सवाल
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नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर देश भर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के आश्वासन पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दावे को पूरी तरह से खोखला और युवाओं को गुमराह करने वाला करार दिया है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के वादे पर सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया था कि पेपर लीक के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संसद में नया कानून लाया जाएगा और फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। हालांकि, केजरीवाल का आरोप है कि सरकार के इन दावों की पोल कुछ ही घंटों के भीतर खुल गई। उन्होंने तर्क दिया कि एक तरफ सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

केजरीवाल ने 2024 के नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को सरकार ने मास्टरमाइंड बताकर गिरफ्तार किया था, उसे सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच एजेंसियां ही आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश नहीं करेंगी या उन्हें निर्दोष करार देंगी, तो फिर फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या औचित्य रह जाएगा।

सीबीआई की जांच और संजीव मुखिया का मामला

आप सुप्रीमो ने संजीव मुखिया का उदाहरण देते हुए कहा कि जिसे पहले मास्टरमाइंड बताकर बड़े तामझाम के साथ गिरफ्तार किया गया था, उसे तीन महीने के भीतर जमानत मिल गई। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीआई ने अदालत में कहा है कि उनके पास संजीव मुखिया के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। केजरीवाल ने पूछा कि यदि वह मास्टरमाइंड नहीं है, तो फिर पेपर किसने लीक किया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी नए नाम का खुलासा करने में विफल रही है, जिससे यह संदेश जाता है कि सरकार पेपर लीक माफिया को बचाने का प्रयास कर रही है।

केजरीवाल ने मौजूदा न्यायिक व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि देश में पहले से ही पॉक्सो और रेप जैसे गंभीर मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट मौजूद हैं, लेकिन वहां भी न्याय मिलने में वर्षों का समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच एजेंसियों की नीयत साफ नहीं होगी और वे निष्पक्ष रूप से सबूत पेश नहीं करेंगी, तब तक नई अदालतों से युवाओं को कोई राहत नहीं मिलने वाली है।

युवाओं के भविष्य पर चिंता

पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों के मानसिक तनाव और हताशा का मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि कई युवाओं ने इस दबाव में आकर आत्महत्या तक जैसा कदम उठाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उनके पास क्या ठोस कार्ययोजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और केवल कागजी वादों के जरिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

अंत में, केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की नीयत में खोट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे दावे केवल एक छलावा साबित होंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार को पेपर लीक रोकने के लिए वास्तविक और ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि देश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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