अररिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल लूटकांड का मास्टरमाइंड हरियाणा से गिरफ्तार, करोड़ों का माल बरामद
Araria Police nab mastermind from Haryana in Rs 2 Crore mobile loot case. नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपए के मोबाइल गायब करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अररिया पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में एसआईटी ने हरियाणा के नूंह जिले से गिरोह के एक और मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के अररिया जिले की पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल लूट गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। नोएडा से गुवाहाटी जा रहे एक कंटेनर से करोड़ों रुपये के मोबाइल फोन गायब करने वाले इस गिरोह के मुख्य सरगना को पुलिस ने हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद गिरोह के नेटवर्क और लूट की वारदातों के कई बड़े खुलासे हुए हैं।
हरियाणा से दबोचा गया मास्टरमाइंड
सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईम के रूप में हुई है, जो नूंह का निवासी है। नईम पर पहले से ही फरीदाबाद पुलिस द्वारा पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के कनोल थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है, जिसमें वह जमानत पर बाहर था। पुलिस ने उसके पास से 620 मोबाइल फोन और सात लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
आरोपी के घर से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की गई है, जिसमें मोबाइल कंपनियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह काफी समय से संगठित तरीके से सक्रिय था और देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अररिया लाया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है।
क्या था पूरा मामला और कैसे दिया वारदात को अंजाम
यह मामला जून महीने की शुरुआत का है, जब नोएडा से रियलमी, ओप्पो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल लेकर निकला एक कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में मिला था। जांच में पता चला कि ट्रक में लदे 1143 बॉक्स में से 612 बॉक्स गायब थे। गिरोह ने बड़ी चालाकी से गोरखपुर और लखनऊ के बीच टोल प्लाजा के पास ट्रक रोककर मोबाइल के बॉक्स निकाल लिए थे और बाद में ट्रक को अररिया में छोड़कर फरार हो गए थे ताकि जांच को भटकाया जा सके।
एसआईटी ने इस मामले के खुलासे के लिए हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सघन छापेमारी की। इससे पहले पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों—अनवर, दीपक गुप्ता, शाहिल और कामिल को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पहले ही 817 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके थे। नई गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 1437 मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 6 से 7 करोड़ रुपये आंकी गई है।
साइबर अपराध और गिरोह का नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लूटे गए मोबाइलों को मेवात क्षेत्र में एक दूसरे कंटेनर में शिफ्ट किया गया था। अधिकारियों को अंदेशा है कि इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता था, क्योंकि मेवात क्षेत्र पहले से ही साइबर ठगी के लिए कुख्यात है। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम, नूंह-पलवल से लेकर राजस्थान के अलवर और जयपुर तक फैला हुआ है।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए एसआईटी ने एक विशेष रणनीति अपनाई थी। पुलिस टीम ने ग्राहक बनकर गिरोह के सदस्यों से संपर्क किया और सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदने का सौदा तय किया। इसी दौरान गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई और एक-एक कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
