आरा: 102 एंबुलेंस कर्मियों का फूटा गुस्सा, क्लस्टर लीडर पर अवैध वसूली और मनमानी का आरोप
Bhojpur 102 Ambulance staff protest against Cluster Leader Rajesh Kumar Ojha corruption. भोजपुर में 102 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने शनिवार को अपने क्लस्टर लीडर राजेश कुमार ओझा पर कर्तव्य में लापरवाही, मनमानी, दबंगई और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राजेश कुमार ओझा को तत्काल पद से हटाने की मांग की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

डीपीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
भोजपुर जिले में 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने शनिवार को जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपने क्लस्टर लीडर (सीएल) राजेश कुमार ओझा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएल की मनमानी और दबंगई के कारण एंबुलेंस सेवा का संचालन प्रभावित हो रहा है और कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी अजीत कुमार ने बताया कि सीएल राजेश कुमार ओझा अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कर्मचारी ईमानदारी से काम करते हैं, उनकी हाजिरी काट दी जाती है, जबकि अपने चहेते लोगों को मनचाहे ड्यूटी पॉइंट देकर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं के दौरान भी सीएल द्वारा फोन नहीं उठाया जाता और कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।
डीजल चोरी और अवैध वसूली के गंभीर आरोप
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने सीएल पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अजीत कुमार ने दावा किया कि एंबुलेंस के डीजल को निकालकर उसे सीएल की निजी स्विफ्ट डिजायर कार में इस्तेमाल किया जाता है। कर्मचारियों के पास इस संबंध में ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा, फर्जी आईडी बनाकर एंबुलेंस का निजी इस्तेमाल करने और पुराने कर्मचारियों को उनके बेस से हटाकर अपने करीबियों को तैनात करने के बदले अवैध वसूली करने की शिकायत भी सामने आई है।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि सीएल निलंबित कर्मचारियों से भी ड्यूटी करवाकर उनसे पैसे की उगाही कर रहे हैं। इस तरह की कार्यशैली से विभाग में गुटबाजी बढ़ रही है और काम करने का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर सीएल को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
प्रशासन का रुख और जांच का आश्वासन
इस मामले पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्हें लगभग 10 दिन पहले ही कर्मचारियों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें सीएल पर पद के दुरुपयोग, तेल चोरी और मनमानी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डीपीएम ने बताया कि इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन के माध्यम से 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली कंपनी 'जेन प्लस' के निदेशक को भेज दिया गया है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, एंबुलेंस कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और सीएल पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
