अलवर: सरपंच चुनाव रंजिश में हत्या मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद
अलवर की जिला एवं सत्र (डीजे) कोर्ट ने वर्ष 2016 में चुनावी रंजिश में हुई अवतार सिंह की हत्या के मामले में अलवर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद भी सभी दोषी मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकले।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के अलवर जिले में एक चर्चित हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2016 में हुई अवतार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित कुल 9 लोगों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह
यह मामला नौगावां थाना क्षेत्र के पाटा गांव से जुड़ा है। 10 जून 2016 की शाम को सरपंच चुनाव की रंजिश के चलते अवतार सिंह और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया था। हमलावरों ने हथौड़े, तलवार, चाकू, लोहे के पाइप और लाठियों का इस्तेमाल किया था। गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
मृतक अवतार सिंह और आरोपी इंद्रजीत सिंह के बीच पारिवारिक संबंध थे, वे आपस में रिश्तेदार (भांजे) थे। गांव में हुए सरपंच चुनाव के दौरान दोनों पक्ष अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। अवतार सिंह द्वारा समर्थित प्रत्याशी की जीत के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था, जो अंततः इस जघन्य वारदात में तब्दील हो गया।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला
न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। अभियोजन पक्ष के वकीलों ने अदालत के समक्ष ठोस सबूत पेश किए, जिसके आधार पर न्यायाधीश ने इंद्रजीत सिंह, अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन सिंह, जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, अमन सिंह, हरविंदर सिंह और विश्वेंद्र सिंह को दोषी माना।
सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर में एक अजीब स्थिति देखने को मिली। दोषी करार दिए गए सभी आरोपी पुलिस हिरासत में ले जाते समय भी बेफिक्र नजर आए और मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। उनकी इस मुद्रा ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
10 साल बाद परिवार को मिला न्याय
मृतक के बेटे अजयपाल ने फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है। घटना के 10 साल और 18 दिन बाद आए इस फैसले ने परिवार को राहत दी है। अजयपाल ने बताया कि चुनावी रंजिश ने उनके पिता की जान ले ली थी, लेकिन अब अदालत ने दोषियों को सजा देकर कानून का सम्मान बनाए रखा है।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब सभी 9 दोषियों को जेल भेज दिया गया है। इस फैसले को क्षेत्र में चुनावी हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!