अजमेर: छात्रा को धमकाने और थप्पड़ मारने वाली शिक्षिका निलंबित, बैड टच मामले में दबा रही थी आवाज
Ajmer government school teacher suspended for pressuring student in bad touch case. अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्रा को थप्पड़ मारने और मामला दबाने का प्रयास करने के आरोप में महिला टीचर को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उसी स्कूल में 2 छात्राओं से सामने आए अश्लील चैट और बैड टच प्रकरण से जुड़ी है, जिसमें पहले ही दोनों शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर के सरकारी स्कूल में शिक्षिका पर गिरी गाज
अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल में एक महिला शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल में सामने आए अश्लील चैट और 'बैड टच' के गंभीर मामले को दबाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उन्होंने पीड़ित छात्रा को डराया-धमकाया और उसे थप्पड़ भी मारा। शिक्षा विभाग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के बाद यह सख्त कार्रवाई की है।
यह पूरा प्रकरण उसी स्कूल से जुड़ा है जहां पहले ही दो अन्य शिक्षकों को अश्लील चैट और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार के आरोपों में निलंबित किया जा चुका है। ताजा घटनाक्रम में, जब मुख्य मामला उजागर होने के अगले दिन पीड़ित छात्रा स्कूल पहुंची, तो उक्त शिक्षिका ने उसे अकेले में बुलाकर स्कूल की बदनामी का हवाला दिया। आरोप है कि शिक्षिका ने छात्रा पर चुप रहने का भारी दबाव बनाया और उसे धमकाते हुए कक्षा से बाहर निकाल दिया।
परिजनों का आक्रोश और विभागीय जांच
शिक्षिका द्वारा छात्रा के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जानकारी जब परिजनों को मिली, तो वे आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन स्कूल परिसर में एकत्रित हुए और शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में एक दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।
जांच समिति ने मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की और मंगलवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट में शिक्षिका को छात्रा को प्रताड़ित करने और मामले को दबाने का दोषी पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) ने शिक्षिका को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
निलंबन के बाद आगे की कार्रवाई
जारी किए गए निलंबन आदेश के अनुसार, शिक्षिका का मुख्यालय अब संयुक्त निदेशक कार्यालय, अजमेर संभाग निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों के आचरण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि स्कूल परिसर में छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पुलिस और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्कूल में पहले से चल रहा है विवाद
गौरतलब है कि इसी स्कूल में पहले भी अश्लील चैट और 'बैड टच' के मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद से ही वहां का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पूर्व में दो शिक्षकों के निलंबन के बाद अब इस महिला शिक्षिका पर हुई कार्रवाई से स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल में कार्यरत सभी स्टाफ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
