आगरा: सीएम ग्रिड परियोजना में लापरवाही पर एक्शन, कार्यदायी संस्था पर लगा 5 लाख का जुर्माना
Agra municipal corporation imposes 5 lakh fine on construction agency for CM grid negligence. कार्यदायी संस्था द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। इस पर नगर निगम अब सख्त हो गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीएम ग्रिड कार्य में ढिलाई पर नगर निगम का कड़ा रुख
आगरा में सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में लगातार सामने आ रही लापरवाही के चलते नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। कार्यदायी संस्था की कार्यशैली से नाराज प्रशासन ने एजेंसी पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। शहर के विकास कार्यों में हो रही देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर नगर निगम ने यह दंडात्मक कार्रवाई की है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने हाल ही में निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे न केवल काम की गति धीमी है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले जिलाधिकारी मनीष बंसल भी परियोजना में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर एजेंसी को कड़ी फटकार लगा चुके हैं।
पेड़ गिराने और खुदाई से बढ़ीं मुश्किलें
एजेंसी की लापरवाही का सबसे गंभीर मामला दिल्ली गेट क्षेत्र में सामने आया, जहां निर्माण कार्य के दौरान 100 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा दिया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। इस मामले में वन विभाग पहले ही संबंधित एजेंसी 'श्रभ्राम कंस्ट्रक्शन' के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर चुका है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के इस कृत्य के बाद अब नगर निगम ने आर्थिक दंड लगाकर अपनी सख्ती दिखाई है।
वर्तमान में हरीपर्वत से दिल्ली गेट तक सीएम ग्रिड के अंतर्गत यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस खुदाई के कारण दिल्ली गेट रोड की एक लेन पूरी तरह बंद है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। राहगीरों को एक ही लेन से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
अधूरे कार्यों से शहर में अव्यवस्था
परियोजना की स्थिति यह है कि पिछले साल अक्टूबर में खोदी गई राजामंडी स्टेशन रोड को भी एजेंसी ने अधूरा छोड़ दिया था। इसी तरह, हरीपर्वत से दिल्ली गेट के बीच सड़क के एक हिस्से की खुदाई कर वहां मिट्टी और मलबा छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। निर्माण सामग्री और मलबे के खुले में पड़े रहने से धूल और गंदगी की समस्या भी गंभीर हो गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्यदायी संस्था को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद काम में सुधार नहीं आया है। नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में भी कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर इसी तरह की लापरवाही बरती गई, तो एजेंसी के खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की राह और प्रशासन की निगरानी
जुर्माना लगाने के बाद अब प्रशासन की नजर इस बात पर है कि एजेंसी अपने काम करने के तरीके में कितना सुधार लाती है। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और सड़कों पर फैली अव्यवस्था को जल्द दूर किया जाएगा। नगर निगम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी अधूरे कार्यों को पूरा करे और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करे।
आगरा के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही सीएम ग्रिड योजना अब खुद ही विवादों के घेरे में है। प्रशासन का यह कदम यह संदेश देने के लिए पर्याप्त है कि शहर के बुनियादी ढांचे से खिलवाड़ करने वाली किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह होगा कि क्या एजेंसी इस जुर्माने के बाद अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाती है या फिर प्रशासन को और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
