आगरा में एंबुलेंस की आड़ में शराब तस्करी का भंडाफोड़: सायरन बजाकर पुलिस को देते थे चकमा
Agra Etmadpur police expose liquor smuggling racket using ambulance and Thar. आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एंबुलेंस की आड़ में हो रही शराब तस्करी का खुलासा किया है। एंबुलेंस सायरन बजाती हुए शराब की पेटियां ले जाती थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एंबुलेंस का सहारा लेकर अवैध शराब का कारोबार
आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बेहद शातिर तरीके से शराब की तस्करी कर रहा था। आरोपी एंबुलेंस का उपयोग शराब की पेटियां ढोने के लिए कर रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है और गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एंबुलेंस के जरिए अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। एत्मादपुर पुलिस ने घेराबंदी कर एंबुलेंस को रोका तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। एंबुलेंस के भीतर मरीजों की जगह शराब की पेटियां भरी हुई थीं। पुलिस ने मौके से 80 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है।
थार गाड़ी से एस्कॉर्ट और सायरन का इस्तेमाल
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तस्करों का यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। शराब की तस्करी के लिए एंबुलेंस के साथ एक थार गाड़ी भी चलती थी। यह थार गाड़ी एंबुलेंस के आगे-आगे चलती थी ताकि रास्ते में किसी भी तरह की चेकिंग या पुलिस की मौजूदगी का पहले से पता चल सके।
आरोपियों का तरीका इतना शातिर था कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों या पुलिस चेकिंग पॉइंट पर एंबुलेंस का सायरन तेज कर देते थे। सायरन की आवाज सुनकर पुलिस और आम लोग इसे आपातकालीन सेवा समझकर रास्ता दे देते थे, जिसका फायदा उठाकर तस्कर आसानी से निकल जाते थे। गिरोह का मुख्य उद्देश्य हरियाणा से शराब लाकर उसे बिहार के विभिन्न हिस्सों में खपाना था।
नंबर प्लेट बदलकर पुलिस को देते थे धोखा
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों की सीमाओं में प्रवेश करने से पहले एंबुलेंस और थार गाड़ी की नंबर प्लेट बदल देते थे। इससे उनकी पहचान करना और उन्हें ट्रैक करना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया था। पंजाब नंबर की एंबुलेंस का इस्तेमाल करना भी इसी साजिश का हिस्सा था ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि एंबुलेंस का पंजीकरण किसके नाम पर है और क्या इसे किसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर खरीदा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने हाईवे पर एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
यह मामला न केवल कानून के उल्लंघन का है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के दुरुपयोग का भी एक गंभीर उदाहरण है। पुलिस की सक्रियता से एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जो लंबे समय से हरियाणा से बिहार तक अवैध शराब की सप्लाई कर रहा था।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
