पशु चिकित्सा में यूपी का परचम: देवरिया की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट को मिला राष्ट्रीय सम्मान
उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट, भाटपाररानी (देवरिया) को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हैदराबाद में सम्मानित किया गया। टीम ने एक जटिल ऑपरेशन के जरिए बेजुबान की जान बचाकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हैदराबाद में मिला राष्ट्रीय सम्मान
उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट, जो देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र में कार्यरत है, ने पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। हैदराबाद में आयोजित नेशनल रिव्यू मीट के दौरान इस टीम को पशु चिकित्सा सेवाओं में असाधारण योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान न केवल टीम के लिए बल्कि राज्य के पशुपालन विभाग के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।
इस कार्यक्रम में टीम के डॉ. पारस नाथ प्रजापति, मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट को राज्य स्तरीय उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान एक गंभीर रूप से बीमार कुत्ते के पैर में हुए ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाने के लिए प्रदान किया गया। उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और तकनीकी दक्षता ने उन्हें इस पुरस्कार का हकदार बनाया।
देशभर की टीमों को पछाड़कर हासिल किया पहला स्थान
ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज द्वारा आयोजित इस नेशनल रिव्यू मीट में देश भर की कई मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट ने अपनी कार्यकुशलता और सेवा भाव के दम पर पहला स्थान हासिल किया। इस सफलता के बाद लखनऊ स्थित मुख्यालय में भी टीम का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के प्रेसिडेंट टी.वी.एस रेड्डी ने डॉ. पारस नाथ प्रजापति और उनकी पूरी टीम के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस टीम ने विपरीत परिस्थितियों में एक बेजुबान जानवर की जान बचाई, वह अन्य सभी यूनिट्स के लिए एक मिसाल है।
पशुपालकों के लिए वरदान बनी 1962 सेवा
1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट का मुख्य उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को उनके घर तक निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इस सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ पशु चिकित्सकों ने भी टीम को बधाई दी और उनके समर्पण की प्रशंसा की।
डॉ. शरद, डॉ. साहिल और डॉ. प्रीति सहित कई जनपदों के चिकित्सकों ने इस उपलब्धि को प्रदेश की सभी 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार की निष्ठा के साथ पशु चिकित्सा सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
भविष्य की राह और संकल्प
इस राष्ट्रीय पुरस्कार ने न केवल टीम का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को भी रेखांकित किया है। आने वाले समय में इस तरह के प्रयासों से पशुओं के उपचार में और अधिक आधुनिक तकनीक और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। टीम के सदस्यों ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
