उन्नाव: बाल कटवाकर लौट रहे युवक पर गिरा विशाल पेड़, गर्दन दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत
उन्नाव-संडीला मार्ग पर रविवार को औरास थाना क्षेत्र में बप्पा जी गेस्ट हाउस के पास एक बड़ा पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उन्नाव-संडीला मार्ग पर हुआ बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत उन्नाव-संडीला मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस हादसे की चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय क्षेत्र में भारी बारिश के बाद पेड़ के जर्जर होने की बात सामने आई है, जो अचानक भरभरा कर गिर पड़ा।
मृतक की पहचान गोबरा निवासी 20 वर्षीय सुजीत पुत्र रामू के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुजीत दोपहर करीब 1:50 बजे अपनी बाइक से बाल कटवाने के लिए एक सैलून पर गया था। दुकान पर भीड़ होने के कारण वह वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में स्थित एक पुराना चिलबिल का पेड़ उसके ऊपर गिर गया। पेड़ की भारी टहनियों के नीचे गर्दन दबने से युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
घंटों तक बाधित रहा यातायात
पेड़ के सड़क के बीचों-बीच गिरने से उन्नाव-संडीला मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने पेड़ को हटाने का प्रयास किया, लेकिन पेड़ का आकार इतना विशाल था कि उसे हटाना संभव नहीं हो सका।
इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। स्थानीय लोगों का कहना था कि घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस और राहत टीम को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। यदि समय रहते बचाव कार्य शुरू हो जाता, तो शायद यातायात की स्थिति इतनी गंभीर न होती।
जेसीबी और कटर मशीन से निकाला गया शव
सूचना मिलने के बाद औरास पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पेड़ के नीचे दबे शव को निकालने के लिए पुलिस ने तत्काल जेसीबी और लकड़ी काटने वाली कटर मशीन मंगवाई। काफी मशक्कत के बाद पेड़ की टहनियों को काटकर सड़क से हटाया गया, जिसके बाद शव को बाहर निकाला जा सका।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया।
प्रशासनिक सतर्कता पर उठे सवाल
यह घटना जर्जर पेड़ों के रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े करती है। बारिश के मौसम में अक्सर पुराने और कमजोर पेड़ गिरने से हादसे होते हैं, लेकिन समय रहते इनकी छंटाई या इन्हें हटाने का काम नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क किनारे खड़े अन्य खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!