उज्जैन: महाकाल धर्मशाला में महिला श्रद्धालु के साथ सुरक्षाकर्मियों ने की मारपीट, बेटी के सामने हुई बदसलूकी
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा संचालित पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला में दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि मंदिर समिति के महिला सुरक्षाकर्मियों ने न सिर्फ उनके साथ हाथापाई की बाल खींचे, बल्कि उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर की धर्मशाला में एक महिला श्रद्धालु के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा अभद्रता और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली से दर्शन के लिए पहुंची एक महिला ने आरोप लगाया है कि मंदिर समिति द्वारा संचालित पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने न केवल उनके साथ हाथापाई की, बल्कि उनके बाल खींचकर दुर्व्यवहार भी किया। यह पूरी घटना महिला की 13 वर्षीय बेटी के सामने हुई, जिससे वह काफी सहम गई।
कमरा मांगने पर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित महिला प्रेरणा गर्ग 16 सितंबर को अपनी बेटी के साथ उज्जैन पहुंची थीं। उन्होंने धर्मशाला में कमरे की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी थी। महिला का कहना है कि जब उन्हें बताया गया कि कमरा खाली नहीं है, तो उन्होंने परिसर में बैठकर ही अपने मोबाइल से किसी अन्य होटल की तलाश करने की अनुमति मांगी। आरोप है कि इसी बात पर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां बैठने से मना कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया।
विवाद तब और बढ़ गया जब महिला ने बैठने से रोके जाने का कारण पूछा। महिला के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान वहां मौजूद महिला सुरक्षाकर्मियों ने भी उनके साथ हाथापाई की। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि सुरक्षाकर्मियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वे इस घटना का वीडियो न बना सकें।
पुलिस और मंदिर प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने शरीर पर लगी चोटों के निशान दिखाए और आपबीती सुनाई। ट्रेन का समय होने के कारण वह मौके पर तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा सकीं, लेकिन बाद में उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है और पुलिस तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन समिति को अभी तक कोई औपचारिक शिकायत या वीडियो नहीं मिला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने पर मामले की गहन जांच की जाएगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।
मंदिर में सुरक्षाकर्मियों का विवादित इतिहास
महाकाल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले जून महीने में गणेश मंडपम में भी श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प का मामला सामने आया था। उस दौरान बैरिकेड पार करने को लेकर हुए विवाद में सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
इसी तरह अगस्त में महाकाल लोक परिसर में भी सुरक्षाकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इन लगातार हो रही घटनाओं ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात कर्मचारियों के व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालु अब मंदिर प्रशासन से सुरक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण और उनके व्यवहार में सुधार की मांग कर रहे हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!