उदयपुर: निकाय चुनाव से पहले गोगुंदा में बड़ी कार्रवाई, 3600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त
उदयपुर आबकारी विभाग ने निकाय चुनाव की आचार संहिता के दौरान जिले के गोगुंदा में 2 बड़ी कार्रवाई करते हुए 3600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की है। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

चुनाव के दौरान अवैध शराब पर लगाम
राजस्थान के उदयपुर जिले में निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने गोगुंदा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भारी मात्रा में स्पिरिट बरामद की है। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोगुंदा के कुछ इलाकों में अवैध रूप से स्पिरिट का भंडारण किया जा रहा है, जिसका उपयोग चुनाव के दौरान अवैध शराब बनाने में किया जाना था। इस सूचना के आधार पर विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।
दो स्थानों पर छापेमारी और एक गिरफ्तारी
विभाग की पहली कार्रवाई खोखरिया नाल के पास स्थित बालाजी रेस्टोरेंट में हुई। वहां टीम ने छापेमारी कर 10 ड्रमों में भरी 1700 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद की। इस मामले में मौके से प्रकाश मेघवाल नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
प्रकाश मेघवाल से मिली जानकारी के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने गोगुंदा के उखलियाद गांव में रमेश गरासिया के मकान पर दबिश दी। वहां से भी 10 ड्रमों में भरी 1900 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की गई। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें जुटी हुई हैं।
4 लाख रुपये की स्पिरिट बरामद
कुल मिलाकर, इन दो बड़ी कार्रवाइयों में आबकारी विभाग ने 3600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में स्पिरिट का मिलना यह दर्शाता है कि चुनाव के दौरान अवैध शराब की सप्लाई को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद से ही राज्य भर में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी छापेमारी जारी रहेगी।
आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रकाश मेघवाल से पूछताछ जारी है ताकि इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। फरार आरोपी रमेश गरासिया की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। विभाग का मानना है कि इस स्पिरिट की सप्लाई चेन को तोड़ने से क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास अवैध शराब के भंडारण या निर्माण की कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!