टीएमसी ने बैंक खाते फ्रीज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जीएसआई को मिली पहली महिला महानिदेशक
Varsha Ashok Aglave becomes first woman Director General of Geological Survey of India. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक बनाया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संगठन की 54वीं महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

टीएमसी के बैंक खातों पर ईडी की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस मामले की सुनवाई आगामी 3 अगस्त को न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ करेगी। ईडी का आरोप है कि पार्टी के एक बैंक खाते से 133.84 करोड़ रुपये की राशि एक निजी कंपनी को स्थानांतरित की गई है, जिसे एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया है। इससे पहले टीएमसी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में भी राहत की मांग की थी, लेकिन वहां से उन्हें अंतरिम राहत नहीं मिल सकी थी।
जीएसआई के 176 साल के इतिहास में पहली महिला महानिदेशक
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 वर्षों के लंबे इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संगठन की 54वीं महानिदेशक के रूप में अपना कार्यभार संभाला। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया है, जो पिछले दो वर्षों से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे। वर्षा अगलावे जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलाजी) की विशेषज्ञ मानी जाती हैं और उन्हें भूविज्ञान के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
अपने करियर की शुरुआत के बारे में बात करें तो वर्षा अगलावे ने भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद 1992 में वह भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से जुड़ीं। अपनी नियुक्ति के साथ ही उन्होंने संस्थान के शीर्ष पद पर पहुंचकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
एयर मार्शल एके भारती सेवानिवृत्त, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका
भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती शुक्रवार को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। एयर मार्शल भारती 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस (डीजीएओ) के रूप में तैनात थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आयोजित तीनों सेनाओं की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग में एयर मार्शल भारती मुख्य चेहरा थे।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे।
जम्मू विश्वविद्यालय को मिलेगी सेना के कब्जे वाली जमीन
केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के माध्यम से एक महत्वपूर्ण भूमि अदला-बदली प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से सटी 147 कनाल से अधिक जमीन सेना के कब्जे से मुक्त हो सकेगी। यह जमीन पिछले पांच दशकों से अधिक समय से सेना के नियंत्रण में थी। इस समझौते के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेना को नगरोटा तहसील में 2,062 कनाल 17 मरला और जम्मू तहसील में 62 कनाल जमीन उपलब्ध कराएगा।
यह विवादित जमीन 1973 में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा जम्मू विश्वविद्यालय को आवंटित की गई थी, लेकिन इसका एक हिस्सा सेना के अधिकार क्षेत्र में बना रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार लंबे समय से इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे अब इस अदला-बदली के माध्यम से हल कर लिया गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
