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टीकमगढ़: स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Tikamgarh health worker arrested by Lokayukta police for demanding bribe for computer operator recruitment. टीकमगढ़ में लोकायुक्त पुलिस सागर ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एमपीडब्ल्यू (MPW) देशराज घोष को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी ने छतरपुर जिले के घुवारा निवासी अरविंद राजपूत से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के एवज में 80 हजार रुपए की मांग की थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 683
टीकमगढ़: स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह मामला सरकारी नौकरियों में भर्ती के नाम पर चल रहे अवैध वसूली के खेल को उजागर करता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा

आरोपी की पहचान स्वास्थ्य विभाग के एमपीडब्ल्यू (MPW) देशराज घोष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने छतरपुर जिले के घुवारा निवासी अरविंद राजपूत को स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। इस काम के बदले उसने कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

पीड़ित अरविंद राजपूत ने इस संबंध में 28 जुलाई को सागर लोकायुक्त एसपी के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा है। लोकायुक्त पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया और आरोपी को पकड़ने की योजना तैयार की।

रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

शुक्रवार को तय योजना के अनुसार, जैसे ही फरियादी अरविंद राजपूत ने आरोपी देशराज घोष को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये सौंपे, वहां पहले से तैनात लोकायुक्त सागर की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया।

लोकायुक्त टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध वसूली के खेल में और कौन-कौन शामिल है।

अन्य पीड़ितों के भी सामने आने की संभावना

इस गिरफ्तारी के बाद एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र राजपूत भी सामने आए हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपी देशराज घोष ने उनसे भी स्वास्थ्य विभाग में सहायिका की नौकरी लगवाने के नाम पर पहले ही 5 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली है। इस नए खुलासे के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। यदि इस तरह के अन्य मामले सामने आते हैं, तो उन पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंचा जा सके।

फिलहाल, लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो सरकारी नौकरी के नाम पर इस तरह के बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे थे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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