सीवान में दर्दनाक हादसा: गड्ढे में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत
सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खोदाईबारी गांव में दर्दनाक हादसे में तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। तीनों किशोर जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढे में जमा बारिश के पानी में नहाने गए थे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

गहरे गड्ढे में समाई तीन जिंदगियां
सीवान जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खोदाईबारी गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीन किशोरों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब गांव के कुछ बच्चे पास में ही स्थित एक गड्ढे में नहाने के लिए उतरे थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतकों की पहचान खोदाईबारी गांव के इमरान अंसारी (12 वर्ष), तौफीक अहमद (11 वर्ष) और छाप गांव के आदिल अंसारी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आदिल अपने नाना के घर आया हुआ था और शनिवार की शाम वह अन्य साथियों के साथ नहाने के लिए निकला था, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटा।
जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में भरा था पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल के समीप जेसीबी मशीन से एक गहरा गड्ढा खोदा गया था। हाल ही में हुई बारिश के कारण यह गड्ढा पानी से लबालब भर गया था। करीब 8 से 10 बच्चे वहां नहाने के लिए पहुंचे थे, जिन्हें गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं था। नहाने के दौरान तीनों किशोर अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए।
साथ में मौजूद अन्य बच्चों ने जब उन्हें डूबते हुए देखा, तो वे घबरा गए और शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला और उन्हें आनन-फानन में सीवान सदर अस्पताल ले गए।
अस्पताल में चिकित्सकों ने घोषित किया मृत
सीवान सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों किशोरों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस दुखद घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा है।
हुसैनगंज थाना प्रभारी मोहन प्रसाद सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि गड्ढे में बारिश का पानी जमा होने के कारण यह हादसा हुआ। परिजनों की इच्छा और सहमति के बाद शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
अंतिम संस्कार और प्रशासन की भूमिका
रविवार को जनाजे की नमाज के बाद तीनों किशोरों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे। एक साथ तीन परिवारों के चिराग बुझ जाने से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले और गहरे गड्ढों की घेराबंदी की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना एक बार फिर उन जोखिमों को उजागर करती है जो बारिश के मौसम में खुले गड्ढों और जलभराव वाले क्षेत्रों में छिपे होते हैं। प्रशासन और अभिभावकों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे बच्चों को ऐसे असुरक्षित स्थानों के पास जाने से रोकें और जल निकायों के आसपास सावधानी बरतें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!