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सोनीपत: जमीन का इंतकाल और कब्जा दिलाने के नाम पर 25 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार

सोनीपत में एसीबी की टीम ने जमीन की तकसीम, इंतकाल और कब्जा दिलवाने की कार्रवाई के बदले 25 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरदावर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एसीबी रोहतक में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
सोनीपत: जमीन का इंतकाल और कब्जा दिलाने के नाम पर 25 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार
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हरियाणा के सोनीपत में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने राई तहसील में तैनात कानूनगो राजेश मलिक को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने जमीन से जुड़े सरकारी कार्यों को निपटाने के बदले शिकायतकर्ता से अवैध रूप से पैसों की मांग की थी।

क्या था पूरा मामला

शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसके चाचा की जमीन से संबंधित मामले में नायब तहसीलदार की अदालत से पहले ही आदेश जारी हो चुके थे। इन आदेशों के आधार पर जमीन की तकसीम (बंटवारा), इंतकाल और भूमि का भौतिक कब्जा दिलाने की प्रक्रिया लंबित थी। जब शिकायतकर्ता ने इस कार्य को पूरा करने के लिए कानूनगो राजेश से संपर्क किया, तो उसने मदद करने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी का रुख किया और पूरे मामले की जानकारी दी। एसीबी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसका सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

आरोपी की कार्यप्रणाली और तैनाती

गिरफ्तार आरोपी राजेश मलिक (52) राई तहसील में कानूनगो के पद पर कार्यरत था। उसके पास सोनीपत और राई दोनों क्षेत्रों का अतिरिक्त कार्यभार भी था। वह मूल रूप से सोनीपत की मलिक कॉलोनी का निवासी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ रोहतक स्थित एसीबी कार्यालय में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

एसीबी इंस्पेक्टर उषा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पहले भी इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। विभाग अब उसके पिछले रिकॉर्ड और संपत्ति की भी जांच कर सकता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

एसीबी के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी पद पर बैठा कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वतखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निदेशक ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी सरकारी काम के लिए रिश्वत न दें। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी कामकाज की पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं, जिसे सुधारने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मामले की अगली सुनवाई और जांच प्रक्रिया अब कानूनी नियमों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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