मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर सोनिया गांधी का बड़ा बयान, कहा- इतिहास उन्हें सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा
इतिहास मनमोहन सिंह को शांत, सरल और सबसे असरदार प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर सम्मान से याद करेगा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह का ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड, नरेंद्र मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। सोनिया गांधी ने एक लेख के माध्यम से मनमोहन सिंह के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि इतिहास डॉ. सिंह को एक शांत, सरल और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में सम्मान के साथ याद रखेगा।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ एक सुनियोजित और संगठित अभियान चलाया गया था, जिसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका और सिविल सोसाइटी के साथ-साथ भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज यह अभियान पूरी तरह विफल साबित हुआ है और डॉ. सिंह हर मामले में बेदाग निकले हैं।
कोयला ब्लॉक आवंटन मामला: एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि
यह मामला वर्ष 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था। उन पर आरोप था कि स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के बावजूद हिंदाल्को इंडस्ट्रीज को आवंटन में शामिल करने की मंजूरी दी गई। हालांकि, सीबीआई ने 2014 में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है।
ट्रायल कोर्ट द्वारा इस रिपोर्ट को खारिज करने के बाद मामला कानूनी पेचीदगियों में फंस गया था। अंततः, इस वर्ष 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही सभी आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई। ज्ञात हो कि डॉ. सिंह का निधन 27 दिसंबर 2024 को हो चुका है।
एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
सोनिया गांधी ने वर्तमान सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने या उन्हें दबाव में लाकर भाजपा में शामिल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ऐसी स्थिति नहीं थी और उस समय सरकार पूरी तरह से जवाबदेह थी।
लेख में उन्होंने मनमोहन सरकार की आर्थिक उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। सोनिया ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान भारत ने वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद मजबूती दिखाई और लाखों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला। उन्होंने शिक्षा का अधिकार, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून जैसे ऐतिहासिक कानूनों को मनमोहन सिंह के नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया।
लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
सोनिया गांधी ने कहा कि डॉ. सिंह के समय में सिविल सोसाइटी एक सशक्त ताकत थी और छात्रों को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की पूरी आजादी थी। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की घटनाएं नहीं होती थीं। उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को भी मनमोहन सिंह के राजनीतिक साहस का प्रतीक बताया, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को नई ऊंचाई दी।
अंत में, सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर लगाए गए सभी आरोप खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 2017 के एक विवादास्पद बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपने शब्दों के लिए आत्मचिंतन करना चाहिए। सोनिया के अनुसार, डॉ. सिंह द्वारा कही गई बातें आज के समय में और अधिक प्रासंगिक और सच साबित हो रही हैं।

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मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!